हरदोई। जिलाधिकारी अनुनय झा ने बुधवार दोपहर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। कार्यालय में पहुंचते ही डीएम ने मुख्य द्वार बंद करा दिया। लगभग सवा घंटा तक उन्होंने विभिन्न पत्रावलियों की जानकारी ली। देर शाम एक कनिष्ठ लिपिक को निलंबित कर दिया गया, जबकि छह कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
बुधवार दोपहर 12:25 बजे डीएम बीएसए कार्यालय पहुंचे। इसके बाद पौने दो बजे तक उन्होंने यहां निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे, कर्मचारियों की उपस्थिति, वरिष्ठता सूची, मध्यान्ह भेाजन योजना, यूनीफार्म वितरण आदि से जुड़ी पत्रावलियां भी देखीं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अजित प्रताप सिंह को बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित कराते हुए गुणवत्तापरक भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। शिक्षकों और शिक्षामित्रों की शतप्रतिशत उपस्थिति पर जोर देते हुए कहा कि मिड डे मील में लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई करेें।
डीएम के निर्देश पर कनिष्ठ लिपिक पवन कश्यप को निलंबित किया गया है। तबादले के बाद भी चार्ज न देने का आरोप उन पर है। लिपिक मनोज मिश्रा और प्रवीण मिश्रा के हस्ताक्षर हाजिरी रजिस्टर में नहीं थे। एमआईएस प्रभारी शैलेंद्र झा भी गैर हाजिर मिले। डीएम ने तीनों का एक दिन का वेतन काटकर स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए हैं। लिपिक अनुपम मिश्रा, श्री निवास मिश्रा और अजय कुमार अपनी-अपनी पत्रावलियों के बारे में जवाब नहीं दे पाए। इस पर इन तीनों से भी स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
डीएम ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में समेकित शिक्षा के तहत संविदा पर तैनात शिक्षकों के समायोजन की जानकारी भी ली। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक समायोजन में विलंब करने, मृतक आश्रितों की नियुक्ति के लंबित मामलों, पारिवारिक पेंशन संबंधी पत्रावलियों की जानकारी ली। साथ ही शिक्षकों के समायोजन, विद्यालयों की मान्यता से संबंधित पत्रावलियों, ईसीसी एजुकेटर और एआरपी की नियुक्ति को लेकर मिली शिकायतों के कारण पत्रावलियां देखीं।