हरदोई। विभिन्न विकास कार्याें के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कराए गए शिलान्यास के शिलापट लोक निर्माण विभाग के बिलग्राम कार्यालय में पड़े होने का मामला तूल पकड़ गया है।
अमर उजाला की खबर का संज्ञान लेकर डीएम ने लोक निर्माण विभाग के खंड दो के अधिशासी अभियंता से स्पष्टीकरण तलब किया है। डीएम ने पूछा कि शिलापट क्यों नहीं लगवाए। साथ ही बुधवार शाम तक सभी संबंधित स्थानों पर शिलापट लगवाकर फोटो समेत विस्तृत आख्या भी मांगी है। ऐसा न होने पर निलंबन की संस्तुति शासन से किए जाने की चेतावनी भी दी है।
बीते वर्ष दो नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ी संख्या में विकास कार्याें का लोकार्पण और शिलान्यास किया था। इन कार्यों में हरदोई जनपद के ही कार्य थे। बिलग्राम मल्लावां विधानसभा क्षेत्र में मंजूर हुए कार्याें के शिलान्यास के शिलापट दो नवंबर 2023 के बाद से लोक निर्माण विभाग के बिलग्राम मुख्यालय में रखे थे। इसका खुलासा अमर उजाला ने 25 जून के अंक में किया था।
मुख्यमंत्री के शिलापट जमीन पर पड़े मिलने के मामले में डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने लोक निर्माण विभाग के खंड दो के अधिशासी अभियंता ब्रजेश दीपक से सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने अधिशासी अभियंता से स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही कहा कि हर हाल में बुधवार शाम तक सभी संबंधित स्थानों पर शिलापट लग जाने चाहिए।
मंगलवार के अंक में मुख्यमंत्री के शिलापटों की अनदेखी किए जाने का मामला खुलते ही लोक निर्माण विभाग के अभियंता सक्रिय हो गए। मंगलवार सुबह ही विभाग में तैनात अलग-अलग मेटों को बुलाकर शिलापट सौंप दिए गए और शिलापट लगवाने के भी निर्देश दिए। बिलग्राम कार्यालय में जिस स्थान पर शिलापट पड़े थे वहां भी सफाई करा दी गई है।
लोक निर्माण विभाग के खंड दो के अधिशासी अभियंता ब्रजेश दीपक ने पूरे मामले पर कहा कि लखनऊ से ही शिलापट देर में आए। जब शिलापट आए तो आचार संहिता लग गई थी। इसलिए शिलापट संबंधित स्थानों पर नहीं लगवाए। साथ ही यह भी कहा कि अब शिलापट लग गए हैं। जब उनसे लगे हुए शिलापटों की तस्वीर मांगी गई तो वह आनाकानी करने लगे।