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जिला अस्पताल में हंगामा

Wed, 08 Mar 2017 11:52 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला हरदोई
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ओपीडी के बाहर रोती मृतक की बेटियां। - फोटो : Amar ujala
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जिला अस्पताल में बुधवार को ऑपरेशन के बाद मरीज की मौत पर परिजनों ने हंगामा कर दिया। परिजनों का आरोप था कि डाक्टर की लापरवाही से उनके मरीज की जान चली गई। डॉक्टर पर पैसा लेेने का आरोप भी लगाया है। सूचना पर पुलिस पहुंची, लेकिन परिजन शिकायत दिए बिना ही शव लेकर चले गए।
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पिहानी कोतवाली क्षेत्र के पिस्तिया गांव निवासी छोटेलाल  (67) पुत्र डल्ला करीब दो महीने से दाढ़ में दर्द से पीड़ित था। उसके मसूडे में गांठ बन गई थी। बेटे गोदरानी, मीना और दामाद रमेश बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे छोटेलाल को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। गोदरानी के अनुसार, ओपीडी में एक सर्जन को दिखाया था। डॉक्टर ने ऑपरेशन से गांठ निकालने का सुझाव दिया। करीब 11 बजे छोटेलाल को ओटी ले गए। आधे घंटे में आपरेशन कर गांठ निकालने के बाद ओपीडी में मरीज लाने की बात कहकर डॉक्टर चले गए।

परिजन छोटेलाल को ओपीडी ले जा रहे थे, इसी बीच उसकी मौत हो गई। डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाकर ओपीडी के बाहर शव रखकर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। फार्मासिस्ट विजय तिवारी ने परिजनों को समझाया लेकिन वह नहीं माने। इस पर फार्मासिस्ट से कोतवाली में सूचना दे दी। कुछ देर बाद जैसे ही पुलिस पहुंची परिजन शव लेकर चले गए। बेटी गोदरानी का आरोप है कि डॉक्टर ने दवा और ऑपरेशन के लिए 33000 रुपये लिए। इसके अलावा 2100 की बाहर से दवाएं भी लिखी थीं। सीएमएस एसपी गौतम ने बताया मरीज के परिजनों ने कोई शिकायत नहीं दी है। हालांकि मामला संज्ञान में आया है। मामले की जांच कराई जाएगी, अगर डॉक्टर ने लापरवाही बरती है तो उन पर कार्रवाई होगी।
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नहीं जमा कराया ऑपरेशन का शुल्क
हरदोई। आपरेशन के लिए मरीज से शुल्क जमा कराया जाता है। कक्ष संख्या 13 में इसकी रसीद कटती है। छोटे ऑपरेशन के 68 और बड़ेे ऑपरेशन के 268 रुपये जमा कराए जाते हैं। शुल्क जमा की रसीद देखे बिना डॉक्टर ऑपरेशन नहीं करता है। लेकिन डॉक्टर ने रसीद कटवाए बिना ही आपरेशन कर दिया।

चिकित्सक ने आरोपों को किया खारिज
वृद्ध का ऑपरेशन करने वाले चिकित्सक का कहना है वृद्ध को लुडबिग एजाइना नाम की बीमारी थी। जिसके कारण दाढ़ में दर्द से पस बन गया था। पस धीरे-धीरे नशों से होकर गले में आ गया था। वृद्ध को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इसी के चलते उसकी मौत हो गई। ऑपरेशन के  लिए रसीद कटवाने की बात का सही जवाब नहीं दे पाए। ओटी में ही रसीद कटवाने की बात कही है।
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