संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। गंगा, रामगंगा और गर्रा नदी में तेजी से पानी कम हो रहा है। इससे अब कटान व गांवों में पानी दोबारा आने की आशंका नहीं है लेकिन, गांवों व खेतों से पानी उतरने के बाद गंदगी और दुर्गंध के कारण लोगों की परेशानियां बढ़ी हैं। खेतों में फसलें के सड़ने के कारण पूरे क्षेत्र में बदबू के कारण वातावरण में दुर्गंध फैली है।
बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा कम होने के कारण गंगा, रामगंगा व गर्रा नदी के साथ ही नीलम और गंभीरी नदी का भी पानी तेजी से कम हो रहा है। गुुरुवार को बैराजों से गंगा व रामगंगा नदी में 83,198 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह मात्रा सामान्य श्रेणी में मानी जाती है और इससे नदियों के पानी पर कोई प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। नदियों का पानी कम होने के साथ ही बिलग्राम के कटरी व सवायजपुर के कटियारी क्षेत्र के प्रभावित 72 गांवों में अब पानी न भरा होने बाढ़ के हालात तो नहीं, पर घरों और खेतों में कीचड़ पनप गया है। खेतों में फसलों के सड़ने व घरों में सीलन के कारण दुर्गंध ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं।
कीचड़ के कारण गांवों में अभी साफ-सफाई व्यवस्था भी दुरूस्त नहीं हो पा रही है। ऐसे में लोगों में संक्रामक बीमारियों के पनपने की आशंका बनी हुई है। डीएम एमपी सिंह ने बताया कि पंचायतों के माध्यम से बाढ़ प्रभावित गांवों में एंटी लार्वा का छिड़काव शुरू कराया गया है ताकि, साफ-सफाई होने तक जलजमाव वाले क्षेत्रों में मच्छर आदि न पनप सकें।