फोटो- 27- मेडिकल कॉलेज में लगी डिजिटल एक्सरे मशीन। संवाद
हरदोई। मेडिकल कॉलेज में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावों के बीच डिजिटल एक्सरे मशीन इन दिनों गर्मी की मार से जूझ रही है। एक्सरे कक्ष में लगा एयर कंडीशनर बीते कई दिनों से सही ढंग से काम नहीं कर रहा है। ऐसे में डिजिटल एक्सरे मशीन बार-बार ओवरहीट होकर बंद हो जाती है। रोजाना बड़ी संख्या में मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कई मरीज बिना एक्सरे कराए वापस लौटने को मजबूर हो रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन बड़ी संख्या में हड्डी, छाती और अन्य बीमारियों से जुड़े मरीज एक्सरे कराने के लिए पहुंचते हैं। ओपीडी समेत अंत: रोगी विभाग में भर्ती और इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को मिलाकर प्रतिदिन 200 से 250 मरीजों के 350 से 400 एक्सरे रोज होते हैं। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक ही डिजिटल एक्सरे मशीन है जिस पर क्षमता से अधिक लोड पड़ रहा है।
एक्सरे कक्ष में व्यवस्था सुदृढ़ नहीं है। एक्सरे कक्ष में लगे एसी सही ढंग से काम नहीं कर रहे हैं। पर्याप्त कूलिंग न मिलने से डिजिटल एक्सरे मशीन बार-बार बंद हो रही जिससे जांच का कार्य प्रभावित हो रहा है। जानकारी के अनुसार पता चला कि मशीन का तापमान अधिक होने पर वह खुद ही बंद हो जाती है और उसे दोबारा चालू होने में काफी समय लगता है। ऐसे में मरीजों की लंबी कतार लग जाती है। दूर दराज से आए मरीजों को एक्सरे कराने में सुबह से दोपहर हो जाती है। कइयों को वापस तक लौटना पड़ जाता है।
निजी केंद्रों पर एक्सरे कराना मजबूरी
मरीजों का कहना है कि कई घंटे इंतजार के बाद भी जांच नहीं हो पाती। मजबूरी में निजी जांच केंद्रों पर एक्सरे कराना पड़ता है, वहां अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए यह स्थिति सबसे अधिक परेशानी का कारण बन रही है। जानकारों की मानें तो डिजिटल एक्सरे जैसी संवेदनशील मशीनों के सुचारु संचालन के लिए निर्धारित तापमान बनाए रखना आवश्यक होता है। यदि एसी लंबे समय तक खराब रहे तो मशीन के तकनीकी रूप से प्रभावित होने का भी खतरा रहता है।
एक्सरे कक्ष का खराब एसी जल्द ठीक कराया जाएगा। मशीन को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए आवश्यक तकनीकी व्यवस्था की जा रही है ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। -प्रो. डॉ. जेबी गोगोई, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज