हरदोई। शहर कोतवाली क्षेत्र में गैर प्रांत की डीसीएम से बच्ची के कुचलने से भारी वाहनों के प्रवेश पर दिन में लगाई गई रोक की पोल खुल गई। नो इंट्री के बावजूद शहर में डीसीएम काल बनकर दौड़ी और बच्ची की मौत हो गई। पुलिस के पास नो इंट्री के बावजूद शहर भारी वाहन के दौड़ने का जवाब नहीं था। वहीं बच्ची की मौत से परिवार में मातम छा गया।
शहर में सड़क हादसों को रोकने के लिए सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक है। सिर्फ स्थानीय वाहनों को ही शहर में खाद्य आदि सामग्री लाने की छूट है। इसके लिए हर मार्ग पर नो इंट्री प्वाइंट बनाए गए हैं। इनमें लखनऊ रोड पर बघौली चौराहा, बिलग्राम रोड पर सेमरा चौराहा, सवायजपुर मार्ग पर जगदीश पुर चौराहा आदि शामिल हैं।
जहां पर पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाती है, ताकि भारी वाहन निर्धारित समय सीमा में शहर में प्रवेश न कर सकें। इसके बावजूद भी अक्सर भारी वाहन शहर में दिन में दिखाई दे जाते हैं। मंगलवार को बच्ची की मौत के बाद नो इंट्री की हकीकत सामने आ गई। गैर प्रांत का वाहन माल सहित नो इंट्री के समय में तेज रफ्तार से दौड़ रहा था। इसका जवाब वहां पर मौजूद बच्ची के परिजन और स्थानीय लोग पूछ रहे थे। इसके जवाब से अधिकारी बचते रहे।