हरदोई। जिले में विभाग को 19 साल बाद भी 1842 बिजली उपभोक्ता खोजे नहीं मिले हैं। विभाग ऐसे उपभोक्ताओं के घर मीटर लगाने के लिए उन्हें खोज रहा है ताकि उनको बिल उपलब्ध कराया जा सके। शासन की सख्ती के बाद अवर अभियंता लगे हुए हैं।
जिले में वर्ष 2005 में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना शुरू की गई थी। इसमें उपभोक्ताओं को बिजली कनेक्शन जारी किए गए थे और उनका रिकार्ड बनाया गया था। उसके बाद केंद्र सरकार की ओर से सौभाग्य योजना शुरू कर दी गई, मगर पूर्व की योजना में दिए गए बिजली कनेक्शनों में मीटर नहीं लगाए गए। ऐसे में उन कनेक्शनों को हटा कर सौभाग्य योजना के तहत नए कनेक्शन जारी कर दिए गए और उनके मीटर लगा दिए गए।
इसके बाद विभाग उन उपभोक्ताओं को भूल गया। उनके बिल आरडीएफ के अनुसार बनते रहे, मगर इधर विभाग की ओर से आरडीएफ बिलिंग पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी गई और मीटर के अनुसार ही बिलिंग करने के निर्देश दिए गए।
इस पर विभाग की ओर से राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के उपभोक्ताओं को खोज कर उनके घर पर मीटर लगाने का कार्य किया गया, लेकिन अब विभाग को 1842 उपभोक्ता खोजे नहीं मिले हैं।
इनमें विद्युत वितरण खंड प्रथम के 162, द्वितीय के 196, संडीला के 108 और शाहाबाद के 1376 उपभोक्ता शामिल हैं। अवर अभियंता और उनकी टीम इन उपभोक्ताओं को खोज नहीं पाई है। अधीक्षण अभियंता रमेश चंद्र ने बताया कि सभी आरडीएफ बिल रीडिंग के अनुसार दिए जाने हैं। इसके लिए ऐसे उपभोक्ताओं के विषय में जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।