हरदोई। बिलग्राम-रहुला-जफरपुर मार्ग पर गनीपुर गांव में गहा (बहा) नाले पर नए पुल के निर्माण के प्रस्ताव को बीती 16 मार्च को शासन ने मंजूरी दे दी है। शासन ने इसके लिए बजट भी अवमुक्त किया है, लेकिन 16 मार्च को ही दोपहर बाद आचार संहिता लग जाने के कारण फिलहाल नाले पर नए पुल के निर्माण का काम अभी नहीं हो पाएगा। अब आचार संहिता खत्म होने के बाद ही कार्य शुरू होगा।
बिलग्राम-रहुला-जफरपुर मार्ग पर गहा नाले पर चार दशक पुराना पुल आवागमन के लिए बना था। पांच जनवरी को मौरंग भरा डंपर इस पुल से निकल रहा था। तभी पुल का पिलर नंबर सात ढह गया था और डंपर इसी में अटक गया था। खास बात यह है कि छह जनवरी को लोक निर्माण विभाग के मंत्री जितिन प्रसाद को जिले में एक लोकार्पण कार्यक्रम में आना था। घटना के बाद वह कार्यक्रम में भी नहीं आए।
डीएम एमपी सिंह ने पूरे मामले की जांच कराने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी थी और यहां नए पुल के निर्माण का प्रस्ताव भी भेजा था। डीएम की रिपोर्ट के आधार पर शासन ने लोक निर्माण विभाग के खंड दो के सहायक अभियंता अनुराग मौर्य को निलंबित कर दिया था। साथ ही उन्नाव के अधीक्षण अभियंता और लोक निर्माण विभाग के खंड दो के अधिशासी अभियंता के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी शासन ने दिए थे।
इसी क्रम में अब टूटे पुल की जगह नए पुल का निर्माण कराए जाने का प्रस्ताव भी बीती 16 मार्च को शासन ने मंजूर कर लिया है। दो करोड़ 94 लाख 20 हजार रुपये की लागत से पुल का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए लोक निर्माण विभाग को कार्यदायी संस्था भी नामित किया गया है। दो करोड़ 35 लाख 36 हजार रुपये अवमुक्त किए गए हैं।
पुल के निर्माण की मंजूरी 16 मार्च को मिली थी। उसी दिन आचार संहिता लागू हो गई थी। बजट भी मिल गया है। आचार संहिता समाप्त होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। -एमपी सिंह, डीएम
डीएम के प्रयासों से गहा नाला पर नए पुल के निर्माण के लिए बजट तो मिल गया, लेकिन आचार संहिता का पेच भी फंस गया। इसके साथ ही मार्च भी चल रहा है, मतलब यह कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति का भी मौका है। ऐसे में पुल निर्माण के लिए मिले बजट को सरेंडर करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। लोक निर्माण विभाग के खंड दो के अधिशासी अभियंता ब्रजेश दीपक ने बताया कि निविदा प्रक्रिया कराने के लिए अनुमति डीएम से मांगी है। अगर अनुमति मिलती है ताे निविदा प्रक्रिया पूरी करा दी जाएगी, लेकिन काम नहीं शुरू किया जाएगा। बजट सरेंडर ही करना पड़ेगा।