संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। बरसात के बाद से ही मच्छरजनित बीमारियों ने पैर पसारने शुरू कर दिये हैं। इसके बावजूद भी मेडिकल कालेज के अधीन संचालित जिला अस्पताल की नींद नहीं खुल रही है। डेंगू से निपटने को लेकर अस्पताल प्रशासन ने अभी तक कोई तैयारी नहीं की है। अस्पताल में अभी तक डेंगू के लिए आइसोलेशन वार्ड भी नहीं बनाए गए हैं।इमरजेंसी वार्ड में डेंगू के मरीज को अन्य मरीजों के साथ रखा गया है। यही नहीं डेंगू के मरीज को मच्छरदानी तक उपलब्ध नहीं कराई गई है।
अरवल थाना क्षेत्र के अत्ता गांव निवासी राम प्रकाश खेती करते हैं। उनकी पत्नी देवकी (50) पिछले कई दिनों से तेज बुखार से पीड़ित थीं। बीती 30 अगस्त को उनकी हालत बिगड़ गई, तो परिजन जिला अस्पताल लाए। यहां उन्हें भर्ती कर लिया गया। 31 अगस्त को हुई खून की जांच में उन्हें डेंगू से पीड़ित पाया गया।
इसी बीच उन्हें इमरजेंसी वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। आम तौर पर नियम यह है कि डेंगू के मरीजों के लिए आइसोलेटेड वार्ड बनाया जाता है। साथ ही मरीज को मच्छरदानीयुक्त बेड उपलब्ध कराया जाता है। इसके ठीक उलट डेंगू की मरीज देवकी को सामान्य मरीजों के साथ ही वार्ड में भर्ती कर दिया गया। उसे मच्छरदानी भी नहीं उपलब्ध कराई गई।
अब तक संज्ञान में नहीं था। अब पता चला है तो मरीज को अलग वार्ड में भर्ती कराया जाएगा। उसे मच्छरदानी वाला बेड दिया जाएगा।
डॉ. जेके वर्मा सीएमएस