फसली नुकसान को लेकर शासन स्तर से जिले को बजट न
आवंटित होने के पीछे डीएम की संवेदनहीनता का आरोप लगाकर भाजपाइयों ने
शनिवार को न सिर्फ कलक्ट्रेट में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया, बल्कि गवर्नर
को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंप इनके स्थानांतरण के साथ ही इनके
खिलाफ सीबीआई जांच की भी मांग की।
पूर्व विधायक गंगा सिंह चौहान ने
कहा कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि में जिले के किसानों को भी भारी नुकसान
हुआ है। फसल की तबाही के चलते जिले में भी बड़ी संख्या में किसान या तो
आत्महत्या कर चुके हैं या फिर सदमे से उनकी मौत हो गई है। प्रशासन इन मौतों
को प्रशासनिक तर्कों के सहारे फसल की तबाही से होने से इंकार कर रहा है।
हैरानी की बात यह है कि जिला प्रशासन ने किसानों की मौतों पर ही नहीं फसल
की क्षति की रिपोर्ट तैयार करने में भी असंवेदनशीलता का परिचय दिया है।
शासन ने फसली नुकसान की भरपाई को जिन जिलों को बजट जारी कर दिया है, उसमें
इस जिले को शामिल ही नहीं किया गया है, जबकि जिले के आस पास के जिलों सहित
36 जिलों को आकस्मिक निधि प्रदान की गई है।
उसमें इस जिले का न होना
डीएम की कार्यशैली का नतीजा है। युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष संदीप सिंह ने कहा
कि एक तो कुदरत से वैसे ही किसान परेशान हैं, वहीं बघौली शुगर मिल का लगभग
24 करोड़ रुपये किसानों का बकाया है, जिससे किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई
है।
कहा कि डीएम की लचर कार्यशैली से किसानों का बकाया भुगतान नहीं हो पा
रहा है। इस दौरान भाजपा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और
गवर्नर को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट लक्ष्मीशंकर सिंह को सौंपा। दिए
ज्ञापन में डीएम को किसानों के प्रति बेरहम बताते हुए उनके कार्यकाल में
हुए भ्रष्टाचारों की सीबीआई जांच कराने एवं उनके स्थानांतरण अविलंब कराने
की मांग शामिल है।
इस मौके पर पूर्व विधायक सुरेंद्र दुबे, पूर्व
जिलाध्यक्ष रामबहादुर सिंह, सुभाष पांडे, जिला उपाध्यक्ष अभिषेक शुक्ला,
शिवम, शुभम श्रीवास्तव, गीत सिंह गौर, अर्जुन सिंह, अभिषेक पांडे, शिवम
पांडे, अनुज सिंह, शिवम सिंह परमार, वैभव चंदेल, गौरव गुप्ता, आलोक गुप्ता,
पवन राजपूत आदि मौजूद थे।