हरदोई। मंगलवार को भी गंगा नदी के पानी खतरे के निशान 135.10 मीटर से 15 सेंटीमीटर ऊपर 137.25 मीटर पर ही बना हुआ है। गंगा नदी में न तो पानी कम हो रहा है और न ही बाढ़ प्रभावितों की मुसीबतें कम होने का नाम ले रही हैं। रामगंगा नदी के पानी में 5 सेमी. और गर्रा के पानी में 30 सेमी. की कमी आइ है। गंगा की कटरी के गांवों के लोगों को घरों में पानी भरा हुआ है।
बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने से नदियों के पानी उतार-चढ़ाव जारी है। गंगा और रामगंगा नदी में बैराजों से 3 लाख 64,143 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसमें से गंगा नदी में हरिद्वार बैराज से 1,20,870, बिजनौर बैराज से 1,39,656 और नरौरा बैराज से 91851 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
रामगंगा नदी में खो बैराज से 9280, हरेबली बैराज से 1400 और रामनगर बैराज से 1086 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा नदी का पानी 135.30 मीटर और गर्रा नदी का पानी 144.35 मीटर पर आ गया है। गंगा नदी के पानी में कमी न आने से तहसील बिलग्राम कि गंगा के किनारे के चिरंजूपुरवा, मक्कूपुरवा आदि गांवों के घरों व झोपड़ियों में पानी भरा हुआ है, जबकि नोखेपुरवा, म्योरा आदि गांवों के किनारे तक पानी भरा है। सवायजपुर क्षेत्र के गांवों में भी खेतों में पानी घुसने लगा है।
डीएम एमपी सिंह ने बताया कि बिलग्राम व सवायजपुर एसडीएम से कहा गया है कि वे नदियों के किनारे के गांवों पर विशेष नजर रखें। रेड जोन में चिह्नित 21 गांवों में विशेष जांच शिविर लगवाए जा रहे हैं। किसी तहसील से कोई अप्रिय जानकारी नहीं मिली नहीं है।