हरदोई। गंगा व गर्रा नदी के पानी में सोमवार को कमी आई। दोनों नदियों के पानी में कमी आने से कटान की आशंका बढ़ गई है। कटरी के किनारे के कटान से गांवों व खेतों में खड़ी फसल को नुकसान की आशंका से ग्रामीणों में भय है। गांवों के किनारे व घरों से पानी कम होने से बीमारियों की आशंका भी बढ़ने लगी है।
गंगा नदी के पानी में पांच सेंटीमीटर (सेमी.) पानी कम होकर खतरे के निशान 137.10 मीटर पर आ गया है। गर्रा नदी के पानी में 40 सेमी. की कमी आई है और पानी 144.70 मीटर पर आ गया है। रामगंगा नदी के पानी में 20 सेमी. की बढ़ोतरी हुई है और पानी 135.50 मीटर पर आ गया है।
बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी के कारण नदियों के पानी में उतार-चढ़ाव जारी है। कटरी क्षेत्र में कटान की आशंका बढ़ गई है। गंगा और गर्रा नदी में पानी कम होने से बिलग्राम के कटरी और सवायजपुर क्षेत्र के पंचनद क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित गांवों व नदियों के किनारे कटान की आशंका से ग्रामीणों में भय है। कटान से बचाव के लिए कराए गए कार्यों के कारण बड़ी मात्रा में कटान नहीं होता है, इससे किसानों की फसलों व आबादी को नुकसान नहीं हुआ है।
सोमवार को बैराजों से गंगा और रामगंगा नदी में चार लाख 16,621 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसमें से गंगा नदी में हरिद्वार बैराज से 1,21,658 क्यूसेक, बिजनौर बैराज से 1,28,457 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 1,32,961 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा नदी में खो बैराज से 26,443 क्यूसेक, हरेबली बैराज 312 क्यूसेक और रामनगर बैराज से 6905 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा नदी का पानी कम होने के कारण बिलग्राम क्षेत्र के कटरी के गांवों के लोगों की मुसीबतें कम नहीं हो रही हैं। खेतों से पानी कम होने व तेज धूप से फसलों को नुकसान पहुंचने लगा है। पशुपालकों को हरे चारा की समस्या हो रही है।
बिलग्राम क्षेत्र के चिरंजीवपुरवा, उम्मेदपुरवा, नोखेपुरवा, पुनापुरवा, जरैला, दीनापुर, मक्कूपुरवा व कटरी महादेवा के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। डीएम एमपी सिंह ने बताया कि बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी के कारण नदियों में पानी में उतार-चढ़ाव हो रहा है। गंगा में पानी कम नहीं हुआ है। बिलग्राम व सवायजपुर के एसडीएम से नियमित रिपोर्ट ली जा रही है।
संक्रामक बीमारियों की बढ़ी आशंका
नदियों के पानी कम होने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब गांवों व खेतों में जलभराव के कारण संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। जलभराव के कारण मच्छरों के पनपने के साथ ही पानी सड़ने व दूषित होने के कारण बीमारियां पनपने लगती हैं।