संडीला (हरदोई)। कोतवाली क्षेत्र के नारायनपुर में दिनदहाड़े हुई दंपती की हत्या में आजीवन कारावास काट रहे वृद्ध की बृहस्पतिवार को मौत हो गई। वृद्ध फतेहगढ़ के केंद्रीय कारावास में बंद था। परिजन उनका शव लेने के लिए सैफई मेडिकल कॉलेज गए हैं।
संडीला के नारायनपुर निवासी केवल सिंह और धनीराम के बीच आधा बिस्वा खेत को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद में 13 दिसंबर 2008 को धनीराम व उनकी पत्नी हनुमानदेई की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी।
इसमें मृतक के पुत्र दिनेश कुमार ने केवल सिंह, उनकी पत्नी रामपती और दोनों पुत्रों राजाबक्स सिंह व रमेश सिंह, दोनों बहुआें संगीता व शांति पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
इस मामले में एडीजे कोर्ट चतुर्थ ने केस की सुनवाई के दौरान 19 जुलाई 2016 को सभी आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। साथ ही 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था।
इसके बाद सिद्धदोष बंदी केवल सिंह, उसके पुत्र राजाबक्श सिंह व रमेश सिंह को केंद्रीय कारागार फतेहगढ़ भेजा गया था। वहीं, केवल सिंह की पत्नी रामपती के साथ दोनों बहुओं को लखनऊ की मोहनलालगंज जेल भेजा गया था। करीब तीन साल पहले रमेश सिंह की पत्नी शांति की मौत हो गई थी।
केवल सिंह के परिवार में पुत्र राजाबक्श सिंह के तीन पुत्र हैं, इसमें सूरज अयोध्या में रहता है और शिवा सिंह व अमन सिंह गांव में रहते हैं। पुलिस के अनुसार केवल सिंह की 24 मार्च को तबीयत बिगड़ी थी। उपचार के लिए सैफई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। 28 मार्च को इलाज के दौरान केवल सिंह ने दम तोड़ दिया। कोतवाल विजेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने परिजनों को सूचित कर दिया है।