कोतवाली के गांव जिरौली धूमसिंह स्थित एक ईंट भट्ठा पर हमीरपुर जनपद की एक महिला मजदूर की इलाज के अभाव में मौत हो गई। परिजनों ने भट्ठा मालिक व ठेकेदार पर इलाज के लिए रुपये व दवा लेने जाने के लिए छुट्टी नहीं देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
जिला हमीरपुर के थाना जरिया के गांव सरीला के करीब 30 मजदूर जिरौली धूमसिंह स्थित ईंट भट्टा पर मजदूरी करते हैं। उनके साथ विजेंद्र सिंह जाटव अपनी पत्नी पूनम 26 वर्ष व तीन बच्चों के साथ भी मजदूरी के लिए आए थे। विजेंद्र सिंह ने बताया कि दशहरा तक मजदूरी करना तय हुआ था। दशहरा के बाद सभी को घर जाना था। दशहरा के बाद से भट्ठा स्वामी व ठेकेदार मजदूरों का हिसाब करके उन्हें रुपये नहीं दे रहे थे और लगातार काम करवा रहे थे। रुपये मांगते तो रोज आज कल करके टाल देते।
विजेंद्र की पत्नी पूनम टीबी से ग्रसित थी। उनकी तबियत कई दिनों से खराब थी। आरोप है कि इलाज के लिए भट्टा स्वामी व ठेकेदार से छुट्टी व रुपयों की मांग की तो न तो छुट्टी दी और न ही रुपये दिए। शनिवार को इलाज नहीं मिलने पर महिला ने भट्टा पर ही दम तोड़ दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और मामले की जानकारी ली। चिकित्साधिकारी डॉ. सुंदर ने बताया कि टीबी की बीमारी के चलते महिला की मौत हुई है।