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बच्चे की हत्या कर शव तालाब में दबाया

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पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बिलखतीं मृतक की दादी जयदेवी। संवाद - फोटो : HARDOI
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हरदोई। देहात कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कौंढ़ा से 15 जनवरी की शाम से लापता बच्चे का शव गुरुवार को गांव से एक किलोमीटर दूर रेलवे ट्रैक के किनारे तालाबनुमा गड्ढे में बोरे में मिला। नायलॉन की रस्सी से बच्चे की गला दबाकर हत्या करने के बाद शव गड्ढे में डाल दिया गया था। शव ऊपर न आए इसलिए ऊपर से ईंटें भी लगा दी गई थीं। एसपी ने घटना का खुलासा करने के लिए चार टीमें गठित की हैं।
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कौंढ़ा निवासी मायाराम रोहतक में मजदूरी करता है। उसका पुत्र वरुण उर्फ गोलू (6) 15 जनवरी की शाम घर के बाहर खेल रहा था। इसके बाद लापता हो गया। परिजनों ने अगले दिन ही पुलिस को सूचना दी। गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
गुरुवार सुबह कुछ ग्रामीणों ने देहात कोतवाल उमा शंकर उत्तम को मोबाइल पर सूचना दी कि गांव के पास लखनऊ-दिल्ली रेलवे ट्रैक के निकट तालाबनुमा गड्ढे में बदबू आ रही थी। वहां पड़े बोरे को निकाला तो गोलू का शव निकला। इस पर कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक संजीव शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए।
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बाद में पुलिस अधीक्षक अनुराग वत्स, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी कपिल देव सिंह और सीओ सिटी विकास जायसवाल भी घटनास्थल पर पहुंचे। शव देख गोलू के परिजन बिलख पड़े। पुलिस और ग्रामीणों ने किसी तरह उन्हें संभाला और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
एसपी अनुराग वत्स ने बताया कि घटना का खुलासा करने के लिए चार टीमें गठित की गई हैं। गुमशुदगी में दर्ज मामले को हत्या में तरमीम कर दिया गया है। प्राथमिक तौर पर परिजनों ने किसी से भी रंजिश होने की बात से इनकार किया है।
गोरखपुर से लेकर भागलपुर तक तलाश करती रही पुलिस
16 जनवरी को ही घटना की गुमशुदगी देहात कोतवाली में दर्ज कर ली गई थी। वरुण उर्फ गोलू के बारे में जानकारी जुटाने के लिए पुलिस ने हर संभव प्रयास किया।
घटना के दिन गांव के आस पास सक्रिय मिले अलग-अलग मोबाइल नंबरों पर भी काम करने के बाद पुलिस टीम ने गोरखपुर से लेकर बिहार के भागलपुर तक बच्चे की तलाश में छापा डाला, लेकिन नतीजा सिफर ही रहा।
मां के साथ ज्यादातर ननिहाल में रहता था वरुण
वरुण के नाना देहात कोतवाली क्षेत्र के पेनीपुरवा इलाके में रहते हैं। वरुण के पिता मायाराम रोहतक में मजदूरी करते हैं। इसके कारण वरुण की मां मीरा दोनों बच्चों के साथ अक्सर पेनीपुरवा में ही रहती हैं।
वरुण भी पेनीपुरवा में स्थित शिशु मंदिर में कक्षा शिशु में पढ़ता था। गोलू के गुमशुदा होने से एक माह पहले ही मीरा ससुराल गई थी। शव मिलने के बाद मीरा कभी बदहवास हो जाती तो कभी अपनी ढाई वर्ष की बच्ची वैष्णवी को संभालने लगती। इनसेट
पंपिंग सेट न लगता तो कम न होता पानी
बच्चे का शव जिस तालाबनुमा गड्ढे में हत्या के बाद डाल दिया गया, उसी के पानी से गांव के कुछ ग्रामीणों ने अपने खेतों की सिंचाई के लिए पंपिंग सेट लगा दिया।
जब पानी कम हो गया, तो गुरुवार सुबह पहुंचे ग्रामीणों को बेतहाशा बदबू ने परेशान कर दिया। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों को बोरा दिखा, और जब ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाकर बोरा खोला तो दंग रह गए।

वरुण की फाइल फोटो।- फोटो : HARDOI

घटनास्थल पर जांच करते अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी कपिल देव सिंह व अन्य। संवाद- फोटो : HARDOI

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