ईद-उल-अजहा शुक्रवार को जिले में हर्षोल्लास के साथ
मनाया गया। नमाज की अदायगी के साथ ही कुर्बानी के तीन दिनी सिलसिले का भी
आगाज हो गया। शहर की ईदगाह में नमाज से पूर्व तकरीर फरमाते हुए मुफ्ती
इजहार ने कहा कि कुर्बानी का अमल राहे खुदा में सब कुछ कुर्बान कर देने का
जज्बा पैदा करता है।
अपने जानवर को कुर्बान कर देने से पैदा होने वाला रंजो
गम ही वो जज्बा है, जिसे अल्लाह अहमियत देता है। मुफ्ती ने बताया कि
कैसे पैगंबर पिता-पुत्र (हजरत इब्राहीम व इस्माइल) ने हुक्मे खुदा पर अपनी
कुर्बानी पेश की थी। कहा कि यह पर्व खुदा के दोस्त कहे जाने हजरत इब्राहीम
की सुन्नत है।
इसके बाद हजारों की संख्या में मुस्लिमोें ने ईदगाह में नमाज
अदा की। मुफ्ती इजहार ने नमाज अदा कर खुतबा पढ़ा। इसके बाद दुनिया में अमन
और मक्का में हुए हादसे के दौरान शहीद हाजियों के लिए सामूहिक दुआ की गई।
ईदगाह में लोगों ने एक दूसरे के गले लगकर ईद की बधाई दी।
शहर की जामा
मस्जिद में हाफिज अतीकुर्रहमान ने नमाज अदा कराई। उन्होंने कुर्बानी से
जुड़े मसायल भी समझाए। मस्जिद हक्की पर मौलाना नवालुर्रहमान ने नमाज पढ़ाई।
नुमाइशपुरवा वाली मस्जिद में अफजालुर्रहमान व शिया जामा मस्जिद में मौलाना
नासिर मेंहदी ने नमाज अदा कराई।
नमाज अदायगी के साथ ही शहर में
छोटे-बड़े जानवरों की कुर्बानी का सिलसिला चल पड़ा। यह सिलसिला तीन दिन तक
चलेगा। इस मौके पर सूबे के चिकित्सा राज्यमंत्री नितिन अग्रवाल, पूर्व
पालिकाध्यक्ष उमेश अग्रवाल, सपा नगर अध्यक्ष हाजी वसीम अहमद, कांग्रेस
जिलाध्यक्ष मिथलेश चौहान, पूर्व पालिकाध्यक्ष सुखसागर मिश्रा, शहर अध्यक्ष
शशि भूषण शुक्ला आदि ने मुबारकबाद दी।
पिहानी स्थित ईदगाह में मौलाना उसमान
गनी मजाहिरी ने नमाजे ईद अदा कराई। उन्होंने प्रतिबंधित जानवरों की
कुर्बानी करने से परहेज करने का आह्वान किया। यहां ईदगाह के बाहर सीओ,
कोतवाल के अलावा स्थानीय नेताओं ने गले मिलकर लोगोें को बधाई दी। ईदगाह के
बाहर व बाजार इस्लामगंज में मेले के दौरान बच्चों ने जमकर धमाल काटा।
उधर,
जामा मस्जिद में मौलाना सुलेमान ने नमाज पढ़ाई। इसके अलावा शिया जामा
मस्जिद में मौलाना फरमान अली, मस्जिद सैयदना फारूके आजम में मौलाना सगीर
अहमद कासमी तथा ईदगाह मढ़िया में मौलाना शमसुल अहद ने नमाज अदा करवाई।