प्रदेश बचाओ सामाजिक न्याय आंदोलन के तत्वावधान में शुक्रवार को गांधी भवन में सम्मेलन का आयोजन किया गया। यहां पूर्व सांसद इलियास आजमी ने दलित, पिछड़ा और मुसलमान को आपसी भाईचारा बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने राजनीतिक दलों पर वोट की राजनीति करने का आरोप लगाया।
सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए मुख्य अतिथि पूर्व सांसद इलियास आजमी ने आगे कहा कि स्वास्थ्य एवं शिक्षा सरकार की जिम्मेदारी है, जो सरकार को करनी चाहिए। राजनीतिक दलों ने दलितों को दबाने के लिए मुसलमानों को प्रायोजित ढंग से प्रस्तुत किया।
अब दलित, पिछड़ा और मुसलमान को एकजुट होकर आपसी भाईचारे को कायम रखना होगा। इस काम को प्राथमिकता से करना होगा। पिछड़ा वर्ग महासंघ अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार मौर्य ने कहा कि अब समय आ गया है कि पिछड़ा वर्ग एकजुट होकर सामाजिक न्याय की अवधारणा को मजबूत करने के लिए एक मंच पर संगठित हो।
इस कार्य के लिए दलों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। वीरांगना उदा देवी संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामलखन ने कहा कि अब वह पूरा जीवन सामाजिक अवधारणा को, समता बंधुता को व मानवता को अर्पित करेंगे। राम दयाल वर्मा ने सुनाया कि समता ममता न्याय पर धर्म वर्ग की छाप, उतनी चादर है नहीं जितनी तन की माप।
सम्मेलन में यदुनंदन लाल वर्मा, राधेश्याम पटेल, राजाराम वर्मा ने संबोधित किया। सभा की अध्यक्षता रूपन लाल प्रियदर्शी ने व संचालन हीरालाल वर्मा ने किया। इस मौके पर बलवीर राजवंशी, बाबूराम राजवंशी, आशारानी, सफीक फौजी मौजूद रहे।