संडीला। नगर के बीच से निकली रेलवे लाइन क्रासिंग पर दिन में कई बार जाम लगने से लोगों के काम बिगड़ रहे हैं। जाम में फंसने पर कई बार मरीजों की जान मुश्किल में फंस जाती है तो बच्चे स्कूल और लोग दफ्तर देरी से पहुंचते हैं।
संडीला के बीच से रेलवे लाइन नगर को दो हिस्सों को बांटती है। इस लाइन से 24 घंटे में लगभग 129 ट्रेन निकलती हैं। इस कारण क्रासिंग का फाटक अक्सर बंद रहता है। इसके एक छोर पर तहसील, बस स्टैंड आदि हैं तो दूसरे छोर पर सरकारी अस्पताल बना है। क्रासिंग से होकर ही अतरौली, हत्याहरण, बेनीगंज, प्रतापनगर चौराहा और नैमिषारण्य को रास्ता जाता है।
मुख्य मार्ग होने के कारण दिन में हजारों की संख्या में वाहनों का आवागमन होता है। क्रासिंग बद होने से जाम लग जाता है और फिर फाटक खुलने पर कई घंटे तक लगा रहता है। कई बार मरीजों को अस्पताल ले जाते समय एंबुलेंस भी क्रासिंग में फंस जाती है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को होती है। दफ्तर जाने वाले लोग भी लेट हो जाते हैं।
आरओबी के लिए हुआ था सर्वे
भाजपा सांसद अंजूबाला ने रेलवे क्रासिंग पर आरओबी निर्माण का प्रयास किया था। आरओबी के लिए सर्वे करने एक टीम भी आई थी। सर्वे में कुछ दुकानें आरओपी के दायरे में आ रही थीं। इस कारण व्यापारियों ने विरोध कर दिया। तब से कार्रवाई आगे ही नहीं बढ़ी। लोगों का कहना है कि शहर के बाहर आरओबी बनाना चाहिए। इससे जाम से निजात भी मिल जाएगा। स्टेशन अधीक्षक रामजीराम का कहना है कि आरओबी के लिए क्षेत्रीय सांसद को रेलवे बोर्ड में प्रस्ताव रखना चाहिए।