मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के ग्राम खेरवा पुरवावां में शादी की सुबह ही युवक ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। परिजनों घटना की कोई वजह नहीं बताई है। पुलिस को भी जानकारी नहीं दी और शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम खेरवा पुरवावां निवासी शैलेंद्र (24) पुत्र सत्यपाल दिल्ली में प्राइवेट फैक्टरी में काम करता था। उसकी शादी मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सांई बगदाद निवासी युवती के साथ तय हुई थी। 17 अप्रैल को तिलक हो गया था। रविवार को शैलेंद्र की बरात जानी थी। रविवार सुबह सात बजे शैलेंद्र ने गांव स्थित अपने पुराने घर की छत पर बने कमरे में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। जब काफी देर तक शैलेंद्र नजर नहीं आया और परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। परिजन पुराने मकान पहुंचे तो शैलेंद्र का शव देखकर उनके होश उड़ गए। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया। शैलेंद्र माता-पिता का इकलौता पुत्र था, उसकी एक छोटी बहन भी है। प्रभारी निरीक्षक महेश कुमार गोले ने बताया कि घटना की जानकारी नहीं है।
रिश्तेदार रह गए सन्न
मल्लावां (हरदोई)। रविवार को शैलेंद्र के लगभग सभी रिश्तेदार उसके घर आ गए थे। शनिवार रात ढोलक की थाप पर मंगल गीत गाए गए थे, लेकिन कौन जानता था कि सुबह होते-होते शैलेंद्र जिंदगी को यूं विदा कह जाएगा। सुबह सात बजे शैलेंद्र का शव मिलने पर रिश्तेदार भी सन्न रह गए। परिवार में मनाई जा रही खुशियां मातम में बदल गईं। ग्रामीणों में चर्चा है कि घटना के कारणों की जानकारी शैलेंद्र के करीबियों को है, लेकिन फिर भी पुलिस को जानकारी दिए बिना अंतिम संस्कार कर देना कई सवाल खड़े कर रहा है।