अपर जिला जज कोर्ट संख्या 9 निशा श्रीवास्तव की अदालत ने मंगलवार को तीन हत्यारोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कुल बीस-बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा भी सुनाई है।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता बजरंग बहादुर सिंह ने बताया कि घटना की रिपोर्ट पाली थाना क्षेत्र के लखमापुर निवासी मनोज कुमार ने थाने में दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया था कि 15 जनवरी 2010 को वह अपने चचेरे भाई लक्ष्मीकांत पांडेय के साथ गांव के बाहर स्थित खेत पर था। रात करीब ढाई बजे वहां गांव के छुन्नू उर्फ चंद्रहास, कमल किशोर, छोटे भैया उर्फ अशोक कुमार आए। यह लोग बातचीत करने लगे। मनोज खेतों में पानी देखने चला गया। तभी लक्ष्मीकांत के चिल्लाने की आवाज आई। पास जाकर देखा कि उक्त आरोपी लक्ष्मीकांत को पकड़कर धारदार हथियार से मार रहे थे। जब वादी ने बचाना चाहा तो उसे भी मार डालने की धमकी दी। मनोज डर कर भाग गया। आरोप था कि आरोपियों ने लक्ष्मीकांत की हत्या कर झोपड़ी में लाश रखकर आग लगा दी थी। अदालत ने मुकदमे की सुनवाई पूरी कर हत्या के अपराध में तीनों को साक्ष्य के आधार पर दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।