भरखनी। पचदेवरा थाना क्षेत्र के रसुलापुर गांव में शुक्रवार रात दोस्त के साथ खेत गए युवक की वजनी वस्तु से हमला कर हत्या कर दी गई। उसका शव खेत के करीब झाड़ियों में पड़ा मिला। गन्ने की बुआई के लिए वह मामा से पचास हजार रुपये लेकर आया था। मृतक की जेब में रुपये नहीं थे। चौकीदार की सूचना पर सीओ और एसओ ने मौके पर जाकर जांच पड़ताल की। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम भेजने के साथ मृतक के दोस्त को हिरासत में ले लिया है। फिलहाल पीड़ित पक्ष ने तहरीर नहीं दी है।
पचदेवरा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत लखनोर के मजरा रसुलापुर निवासी भंवरपाल (26) भाइयों में सबसे बड़ा था। बचपन में ही उसके पिता की मौत हो गई थी। उसके परिवार में मां उमा देवी के अलावा चार भाई आकाश, सूरज, मनसुख और मनीष हैं। मां के नाम डेढ़ बीघा जमीन है। अपनी जमीन के अलावा खेत बटाई पर लेकर भंवरपाल खेतीबाड़ी कर परिवार पालता था। पांच बीघे में गन्ना की बोअनी करनी थी। इसके लिए भंवरपाल शुक्रवार शाम को टड़ियावां निवासी मामा सुभाष से पचास हजार रुपये लेकर आया था।
खाना खाने के बाद शाम करीब छह बजे वह घर के बाहर अलाव ताप रहा था। इसी बीच पड़ोस के गांव मिठाहा थाना जलालाबाद जिला शाहजहांपुर निवासी दोस्त कमलेश पहुंच गया। खेत जाने की बात कहकर भंवरपाल कमलेश के साथ चला गया। सुबह काफी देेर तक भंवरपाल घर नहीं लौटा तो मां उमा देवी और भाइयों ने उसकी खोजबीन शुरू की लेकिन कहीं पता नहीं चला। इसी बीच खेत के करीब झाड़ियों में शव पड़े होने की सूचना मिली। झाड़ियों के बाहर कुत्ते भौंक रहे थे। परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे।
झाड़ियों में पड़ा शव भंवरपाल का ही था। उसकी गर्दन पर वजनी वस्तु से हमला किया गया था। नाक और कान से खून निकल रहा था। चौकीदार की सूचना पर सीओ शाहाबाद अरविंद कुमार वर्मा और एसओ पचदेवरा संजय यादव ने मौके पहुंचकर जांच पड़ताल की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मां उमा ने बताया कि भंवरपाल 50 हजार रुपये जेब में ही रखे था। रुपये उसके पास नहीं थे। उसने कमलेश पर हत्या का आरोप लगाया। पुलिस ने कमलेश को उसके घर से हिरासत में ले लिया है।
पुलिस हिरासत में कमलेश ने बताया कि भंवरपाल उसका जिगरी दोस्त था। दो दिन से मुलाकात नहीं हुई थी, इसलिए मिलने गया था। रास्ते से वह घर चला गया और भंवरपाल खेत चला गया था। थानाध्यक्ष ने बताया कि अभी परिजनों ने तहरीर नहीं दी है। मामले की जांच की जा रही है।