हरदोई। सेना की जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए सदस्यों में जिले के दूसरे आरोपी की पहचान हुई है। दूसरा आरोपी शहर कोतवाली के मोहल्ला सदर बाजार का निवासी है। वह एक महीना पहले ही दिल्ली नौकरी करने जाने की बात कहकर घर से निकला था।
शहर कोतवाली के मोहल्ला सदर बाजार निवासी संत प्रकाश मिश्र लगभग एक साल पहले तक मोहल्ले में ही बच्चों को ट्यूशन पढ़ाते थे। उनके तीन बेटों में गौरव मिश्र दूसरे नंबर का है।
बड़ा बेटा विशाल मिश्रा वकील है। वह हरदोई कचहरी में वकालत करता है। छोटा बेटा सौरभ करीब तीन साल पहले संविदा पर बीएसएनएल में क ाम करता था। नौकरी छोड़ने के बाद एक नेता के साथ रहने लगा। गौरव ने इंटर तक की पढ़ाई की थी।
बड़े भाई विशाल के मुताबिक गौरव कोई काम नहीं करता था। वह घर पर ही रहता था। लगभग एक साल पहले उसकी शादी हो गई थी। इसके बाद उसने अपनी गृहस्थी अलग कर ली थी।
विशाल ने बताया कि एक महीना पहले गौरव के पास उसके किसी दोस्त का फ ोन आया था। नौकरी करने की बात कहकर दिल्ली चला गया था। विशाल ने बताया कि दिल्ली जाने के बाद से गौरव से कोई बात नहीं हुई थी। अखबार और टीवी चैनल पर खबर आने पर मामले की जानकारी हुई। विशाल का कहना है कि उसके भाई को गलत तरीके से फंसाया गया है।
सेना की जासूसी के आरोप में गिरफ्तार सुरसा थाना क्षेत्र के कमरौली निवासी विनीत दीक्षित पुत्र कमलेश्वर दीक्षित के घर शहर स्थिति दोनों मकानों में शनिवार को भी ताला बंद रहा। एटीएस ने सेना की जासूसी कर रहे गिरोह के दस सदस्यों को गिरफ्तार किया था। सदस्यों की पहचान लखनऊ, सीतापुर और हरदोई के निवासी के तौर पर हुई है। एक आरोपी की पहचान सुरसा थाना के कमरौली गांव निवासी विनीत दीक्षित (27) पुत्र कमलेश्वर दीक्षित के तौर पर हुई थी। विनीत दीक्षित का शहर के सराय थोक और विभूति नगर में भी मकान बने हैं। वह एक साल पहले एमजी रोड स्थिति वोडाफोन केयर में सेल्समैन था।