गुरुद्वारे में घटनास्थल का निरीक्षण करती पुलिस।
पिहानी। कोतवाली क्षेत्र के अमिरता गांव में गुरुद्वारे में रविवार रात नकब लगाकर घुसे चोरों ने रुपये व गहने समेत करीब 25000 का सामान समेट लिया। गुरुद्वारा की रखवाली करने वाले ज्ञानी जोगा सिंह रात में दूसरे गांव गुरुग्रंथ साहिब का पाठ करने गए थे। गुरुद्वारे में पत्नी अकेली थी। आहट होने पर उनके शोर मचाने पर चोर भाग गए।
कोतवाली क्षेत्र में पिहानी-शाहाबाद रोड पर अमिरता गांव के निकट गुरुद्वारा है। जिसकी देख भाल का जिम्मा ज्ञानी जोगा सिंह करते हैं। वह परिवार के साथ यहीं पर बने कमरे में रहते हैं। रविवार रात ज्ञानी सिंह गुरुग्रंथ साहिब का पाठ करने नेवादा गांव गए थे। गुरुद्वारे में पत्नी गुरुप्रीत कौर थीं। उन्होंने गुरुद्वारे का दरवाजा बंद किया और कमरे में सो गईं।
देर रात करीब एक बजे आहट होने पर वह जाग गईं। वह कमरे के बाहर आईं तो गुरुद्वारे का दरवाजा खुला था और वहां रखा दान पात्र नहीं था। उन्होंने अपने कमरे के अंदर जाना चाहा तब तक चोरों ने अंदर से दरवाजा बंद कर दिया। यह सोचकर कि चोर कमरे के अंदर हैं।
उन्होंने कमरे में बाहर से कुंडी लगाई और शोर मचाकर गुरुद्वारा के सामने रहने वाले कश्मीर सिंह को बुलाया। शोरगुल सुनकर कश्मीर सिंह और उनके परिजनों के आने पर कमरे के पीछे की दीवार देखने पहुंची। कमरे की पीछे की दीवार में नकब लगी थी और कमरे के पीछे गेहूं के खेत में फसल टूटी थी।
जिसका रास्ता रोड तक था। रात करीब दो बजे वारदात की सूचना मिलने पर पुलिस ने पहुंचकर पड़ताल की। सोमवार सुबह ज्ञानी सिंह ने कोतवाली में तहरीर दी। जिसमें दानपात्र में करीब 10,000 रुपये, अलमारी में 5,000 रुपये व पत्नी और बच्चों के जेवर समेत करीब 25 हजार की चोरी होना बताया है।
कोतवाल पवन त्रिवेदी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। चोरी की वारदात का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।