कछौना/बघौली। आबकारी विभाग और पुलिस की टीम ने शनिवार को बघौली और कलौली गांव में छापेमारी कर भारी मात्रा में हरियाणा व अरुणाचल प्रदेश की शराब और शराब पैक करने की सामग्री पकड़ी। रिटायर्ड फौजी के मकान में अंग्रेजी शराब से यूपी की देशी शराब बनाई जाती थी। टीम ने एक व्यक्ति को दबोच लिया है जबकि दूसरे मामले में किसी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।
बघौली बाजार निवासी आलोक गुप्ता के मकान में शनिवार को आबकारी विभाग ने छापा मारकर हरियाणा प्रदेश की 32 पौवा शराब बरामद की। टीम ने आलोक को गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद आबकारी टीम ने कछौना कोतवाली पुलिस के साथ कलौली गांव में सूबेदार पद से रिटायर्ड बलवंत सिंह के मकान पर छापा मारा। इस मकान में ताला बंद था। ताले तोड़कर आबकारी और पुलिस की टीम अंदर घुसी।
मकान में भारी मात्रा में हरियाणा और अरुणाचल प्रदेश की शराब और शराब पैकिंग का सामान मिला। आबकारी अधिकारी राकेश कुमार अग्रवाल ने बताया कि मकान बीयर, व्हिस्की और देशी मदिरा की 133 पेटी बरामद की गईं। इसके अलावा 4550 ढक्कन भी मिले हैं। बरामद शराब की कीमत करीब सात लाख रुपये बताई गई है। फिलहाल इस मामले किसी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।
अंग्रेजी से बनाई जाती थी देशी शराब
आबकारी निरीक्षक सदर राजेश मिश्रा ने बताय कि गोवा प्रीमियम और बांबे व्हिस्की ब्रांड की शराब हरियाणा और अरुणाचल प्रदेश में सस्ती पड़ती है। शराब को यहां लाकर देशी के पौवे पैक किए जाते थे। यूपी का देशी पौव्वा हरियाणा व अरुणाचल की अंग्रेजी शराब से महंगा बिकता है।
कमिश्नर की फटकार के बाद एक्शन में आए डीओ
पिहानी का एक माफिया अन्य प्रदेशों से शराब मंगाकर जिले के अलावा आसपास के जिलों में सप्लाई करता है। इस माफिया पर सत्ताधारी दल के एक बड़े नेता का हाथ है। सत्ता की हनक और अफसरों की मिलीभगत से माफिया का अवैध शराब कारोबार लंबे समय से फलफूल रहा है इसके बावजूद आबकारी विभाग हाथ पर हाथ रखे बैठा था।
25 मई को आबकारी आयुक्त भवनाथ के साथ सभी जिला आबकारी अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें हरदोई में दूसरे प्रांत की शराब बरामदगी पर आयुक्त ने सख्त नाराजगी जताई थी। सूत्र बताते हैं आयुक्त ने हरदोई के आबकारी अधिकारी को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी, इस पर विभाग के लोग एक्शन में आए और दो जगह छापेमारी कर मामूली बरामदगी कर पीठ थपथपा ली गई।