हरदोई। छात्र अर्णव के अपहरण की साजिश के आरोपी सभासद प्रमोद सिंह बाबा की जमानत गुरुवार को जिला जज जयशील पाठक की अदालत ने मंजूर कर ली थी। अदालत के आदेश पर सभासद को शुक्रवार की सुबह रिहा कर दिया गया है। बाबा की रिहाई को लेकर सुबह से ही जेल के बाहर उनके समर्थकों और मोहल्लेवासियों की भीड़ रही।
शहर के एमजी मार्ग पर तारा एकेडमी के छात्र अर्णव (4) का अपहरण 21 अक्टूबर को स्कूल से हो गया था। ग्रामीणों की सतर्कता और छात्र की बहादुरी के चलते कुछ ही घंटे में पुलिस ने अपहृत छात्र को बरामद कर लिया था। पुलिस ने इस मामले में अजय सिंह भदौरिया, पुरौरी गांव के राजेश कुमार, अमित सिंह और नुमाइश पुरवा निवासी सभासद प्रमोद सिंह बाबा को जेल भेज दिया था।
बाबा की गिरफ्तारी के विरोध में जनता ने एसपी से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी। जांच में निर्दोष मिलने पर एसपी ने बाबा को अपहरण की धारा से मुक्त कर दिया। गुरुवार को अधिवक्ता विजेंद्र सिंह ने जिला जज की अदालत में याचिका दायर कर बाबा को राजनीतिक कारणों से झूठा फंसाने की दलील दी थी। इस मामले में जिला जज ने बाबा की जमानत मंजूर कर दी।
गुरुवार की देर शाम रिहाई आदेश आने पर बाबा रिहा नहीं हो सके। जेलर लाल प्रताप सिंह ने बताया कि बाब को सुबह 8 बजे रिहा कर दिया गया है। बाबा की रिहाई को लेकर सुबह से जेल के बाहर उनके समर्थक और मोहल्लेवासी पहुंच गए। जेल से छूटे सभासद बाबा ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को राजनैतिक बताते हुए इसमें एक बडे़ नेता का हाथ बताया है।
इस दौरान प्रमोद मिश्रा, मुन्ना गुप्ता, कृपालु मिश्रा, अभिषेक मिश्रा, संजय त्रिवेदी, दीपू बाजपेई, शहबाज खान, सज्जाद, सुनील कश्यप, सुधीर पाल व प्रताप भान सिंह आदि सैकड़ों लोग मौजूद रहे। उनके आवास पर सुबह से देर शाम तक समर्थकों की भीड़ लगी रही।