हत्याभियुक्त के बारे में पुलिस टीम की मौजूदगी में जानकारी देते प्रभारी पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह।
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नौ वर्ष पूर्व कचहरी परिसर से पुलिस अभिरक्षा से फरार हुए बीस हजार रुपये के इनामी हत्याभियुक्त को अतरौली कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। प्रभारी पुलिस अधीक्षक ने अतरौली के प्रभारी निरीक्षक को डीजीपी सम्मान दिलाने की संस्तुति करने की बात कही है।
अतरौली थाना क्षेत्र के ग्राम गुड़वा निवासी अनूप तिवारी पुत्र रिषिनाथ तिवारी ने 27 अप्रैल 2004 को गांव निवासी बबलू पुत्र परशुराम बाजपेई की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। अतरौली कोतवाली में दर्ज आर्म्स एक्ट के अन्य मामले में 28 अक्तूबर 2009 को जिला कारागार से कचहरी में पेशी पर लाए जाने के दौरान अनूप पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था। पुलिस ने 20 हजार रुपये का इनाम भी अनूप पर घोषित कर दिया था। इनामी अपराधियों की धर-पकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत उसकी गिरफ्तारी के प्रयास अतरौली के प्रभारी निरीक्षक ओपी तिवारी कर रहे थे। सोमवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रभारी पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि मुखबिर के जरिये प्रभारी निरीक्षक ओपी तिवारी को सूचना मिली कि अनूप तिवारी पिता से मिलने लखनऊ से डग्गामार वाहन से भरावन चौराहे जा रहा है। इस पर सुबह छह बजे पुलिस ने चौराहे पर डग्गामार वाहन से उतरते ही अनूप को गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय में पेश करने के बाद उसको जेल भेज दिया गया।
फरारी के दौरान बना हलवाई, की शादी
पूछताछ के दौरान अनूप तिवारी ने बताया कि पुलिस अभिरक्षा से फरार होने के बाद वह लखनऊ में मुंशी पुलिया के निकट एक मिठाई की दुकान पर हलवाई बन गया। इसके बाद कुछ दिन तक उसने सब्जी पूड़ी की ठेली लगाई। फरारी के दौरान ही उसकी शादी भी हुई। परिवार में पत्नी के अलावा अब दो बच्चे भी हैं।