हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा पाने के बाद हाईकोर्ट से जमानत पर छूटे युवक ने रविवार देर रात फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। वह मानसिक रूप से बीमार था।
संडीला कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बहादुरखेड़ा मजरा मलैया निवासी उदय (35) पुत्र मिश्रीलाल 2007 में हुई सलाउद्दीन की हत्या मामले में नामजद था। इस मामले में जिला न्यायालय से उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। उसने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। लगभग दो वर्ष पूर्व उसे जमानत मिल गई थी। रविवार रात वह घर पर ही परिवार के साथ था। वह गर्मी लगने की बात कहकर कमरे में सोने चला गया। सोमवार सुबह परिजनों ने उसका शव फांसी पर लटकते देखा तो पुलिस को सूचना दी। बस अड्डा चौकी प्रभारी राजेश्वर त्रिपाठी मौके पर पहुुंचे और परिजनों से घटना के बारे में पूछताछ की। चौकी प्रभारी ने बताया कि परिजनों से पूछताछ में पता चला है कि हत्याकांड के बाद से ही उदय मानसिक रूप से बीमार था। जमानत होने के बाद उसका उपचार बनारस में हुआ था। कुछ माह पूर्व ही वह घर आया था और परचून की दुकान खोली थी। परिवार में पत्नी गीता देवी के अलावा तीन बच्चे सुहाना, लोधी और तीन माह का एक पुत्र है।