मिरगावां में हुए बवाल के बाद गांव में तैनात पुलिसकर्मी।
- फोटो : amar ujala
हरपालपुर। थाना क्षेत्र के मिरगावां मामले को पुलिस ने हल्के में निपटा दिया। एसडीएम के सामने दोनों के समर्थकोें ने जमकर बवाल काटा था। उनके निर्देश पर पुलिस ने प्रधान व पूर्व प्रधान को हिरासत में लिया था। सोमवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों का मामूली धाराओं में चालान किया। जबकि गांव में दूसरे दिन भी पुलिस फोर्स तैनात रही।
हरपालपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत मिरगावां में रविवार को ग्राम समाज की जमीन पर कब्जे को लेकर हुए विवाद में हिरासत में लिए गए प्रधान छंगे लाल और पूर्व प्रधान का शांति भंग में चालान किया। जबकि दूसरे दिन भी गांव में पुलिस फोर्स तैनात रही। इसकी वजह दोनों पक्षों की तरफ से पुलिस पर राजनीतिक दबाव रहा है।
पुलिस यह कह रही है कि कि उन्हें किसी भी पक्ष की तरफ से तहरीर नहीं मिली थी। जबकि प्रधान और पूर्व प्रधान के लोग ग्राम समाज की करीब 200 बीघा जमीन पर कब्जा किए हैं। ये जमीनों खलिहाल, खाद के गड्ढों आदि के लिए छोड़ी गई थीं। सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को कई बार नोटिस दिए गए हैं ।
लेकिन लोगों ने कब्जे नहीं छोडे़ । 19 तरीख को लेखपाल और कानूनगो ने गांव जाकर सरकारी जमीन की पैमाशी की थी। इसके बावजूद अवैध कब्जे नहीं हटे थे। रविवार को एसडीएम वंदना त्रिवेदी और तहसीलदार पुलिस फोर्स के साथ कब्जा हटवाने गए थे।
अधिकारी एक तरफ कब्जा हटवा रहे थे, इसी दौरान दूसरी तरह प्रधान और पूर्व प्रधान के समर्थकों ने लाठियां चली थी। जिसमें दोनों पक्ष की तरफ से छह लोग घायल हुए थे। एक पक्ष की तरफ से अमर लाल 45 पुत्र राजेंद्र को गंभीर चोटें आई थी। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। थाना प्रभारी आरपी सिंह ने बताया कि उनको किसी भी पक्ष की तरफ से तहरीर नहीं मिली थी। इसके चलते दोनों का शांति भंग में चालान कर दिया गया है।