हरदोई/बावन। दोहरे हत्याकांड में युवती की हत्या किसी तीसरे व्यक्ति ने की थी। तीसरा व्यक्ति कौन है इस पर पुलिस अंधेरे में है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मौत का अंतराल करीब दो घंटे रहा। युवक-युवती की हत्या शुक्रवार रात करीब 11 बजे से एक बजे की बीच हुई। एसपी राजीव मल्होत्रा ने बताया कि किसी भी पक्ष की तरफ से उन्हें कोई तहरीर नहीं मिली है, पड़ताल जारी है। गौरतलब है कि मारे गए युवक-युवती न्यौरादेव गांव स्थित राजेंद्र सिंह इंटर कॉलेज में सहकर्मी थे।
लोनार थाना क्षेत्र के फदनापुर गांव मूल निवासी राजीव श्रीवास्तव की बड़ी बेटी हिमांशी उर्फ शीनू श्रीवास्तव (25) व थाना क्षेत्र के बहोरवापुरवा निवासी सत्येंद्र उर्फ सुधीर (35) पुत्र रामशरण की मौत व हत्या की गुत्थी उलझती जा रही है। पोस्टमार्टम हाउस से जुडे़ सूत्रों की मानें तो हिमांशी व सत्येंद्र की मौत के बीच करीब दो घंटे का अंतराल रहा है। दोनों के शवों का शनिवार करीब 6:30 बजे पोस्टमार्टम किया गया। रिपोर्ट में दोनों की मौत करीब 18 से 20 घंटे पहले हुई थी। जिसमें सत्येंद्र की पहले मौत हुई और हिमांशी की मौत करीब दो घंटे बाद हुई थी। इस हिसाब से वारदात शुक्रवार रात करीब 11 से 1 बजे के करीब की रही है। यह सवाल अब भी बरकरार है कि सत्येंद्र ने आत्महत्या की या किसी ने जबरदस्ती उसे फांसी के फंदे पर लटकाया।
पोस्टमार्टम के बाद यह तय है कि शिवांगी की हत्या किसी तीसरे ने ही की है। शक के घेरे में कई नाम हैं। नेउरा देव स्थित राजेंद्र सिंह इंटर कालेज के प्रबंधक हर्षवर्धन सिंह जिन पर मृतक ों के परिजनों ने मौखिक रूप से हत्या का आरोप लगाया था। कालेज का दूसरा लिपिक सचिन जिसको सत्येंद्र के पिता रामशरण ने शनिवार सुबह अपने घर क ी छत पर एक महिला व कालेज प्रबंधक के साथ देखा था। इन तीनों के अतिरिक्त कालेज स्टाफ के अन्य सदस्य भी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।
इस बात की पुष्टि सवायजपुर तिराहा के पास ढाबा संचालक साधू यादव व सत्येंद्र से फोन पर हुई बातचीत में हुई है। साधू यादव के अनुसार सत्येंद्र से उनकी काफी घनिष्टता थी। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे सत्येंद्र ने उसको फोन किया और कालेज स्टाफ से अपने को परेशान बताते हुए नौकरी छोड़ने की बात कही थी।
लोनार थाना क्षेत्र के फदनापुर गांव मूल निवासी राजीव श्रीवास्तव शहर के मोहल्ला आलू थोक में विद्यादेवी के मकान में किराए पर रहते हैं। बड़ी बेटी हिमांशी उर्फ शीनू श्रीवास्तव न्यौरादेव गांव स्थित राजेंद्र सिंह इंटर कॉलेज में शिक्षिका थी। शुक्रवार रात सत्येंद्र के गांव बहोरवापुरवा में रोड पर बने दूसरे मकान में किसी भारी वस्तु से सिर कू चकर उसकी हत्या कर दी गई थी। जबकि सत्येंद्र उर्फ सुधीर (35) पुत्र रामशरण बाबू था और कॉलेज संचालक हर्षवर्धन सिंह की गाड़ी चलाने के साथ अन्य काम भी देखता था। उसका शव बहोरवापुरवा गांव में भइयालाल के खेत में खड़े शीशम के पेड़ से लटकता मिला था।
रविवार देर शाम हिमांशी की मां शिल्पी व छोटी बहन मृतक सत्येंद्र के बहोरवापुरवा स्थित पैतृक गांव पहुंची। यहां पर सत्येंद्र के परिजनों के साथ बंद कमरे में करीब एक घंटे बात हुई है। चर्चा है कि दोनों पक्ष के लोग एक ही व्यक्ति को आरोपी मान रहे हैं। इसी के आधार पर दोषी को सजा दिलाने के लिए एक साथ कार्रवाई का मन बना रहे हैं।
काल डिटेल में युवक-युवती के बीच संबंधों की पुष्टि हुई है। इसके अलावा लड़के ने रात आठ बजे आखिरी फोन दो जगहों पर किया था। उसके बाद से मोबाइल फोन स्विच आफ था। जबकि लड़की का नंबर पहले से ही बंद था।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि लड़की के कपड़ों और लड़के के कपड़ों सहित ईंट पर लगा खून, बाल आदि के सैंपल आदि को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। दो दिन में उसकी रिपोर्ट भी आ जाएगी। जिसके बाद और कुछ भी कहना आसान हो जाएगा।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिस तरह के हालात बने हैं और सबूत मिले हैं उसमें यही लग रहा है कि पहले लड़की की हत्या हुई उसके बाद लड़के ने आत्महत्या की। बेटी की मां की ओर से अभी तक अज्ञात के खिलाफ तहरीर आई है जबकि लड़के की ओर से कोई तहरीर नहीं आई। यदि आती है तो उस दिशा में भी कार्रवाई की जाएगी। कुल मिलाकर सामने वहीं घटना का दृश्य बन रहा है कि लड़की की हत्या के बाद लड़के ने भी आत्महत्या कर ली। फिलहाल जांच हर बिंदु पर जारी है।