थानाक्षेत्र में चुनावी रंजिश में दबंग प्रधानों ने वोट न देने पर दो लोगों
और उनके परिवार के सदस्यों को पीटा। इससे आक्रोशित हो ग्रामीणों ने देर
शाम थाने का घेराव किया। ग्रामीणों का आक्रोश देख पुलिस ने एनसीआर दर्ज कर
कार्रवाई शुरू की।
ग्राम म्येानी निवासी हरिराम (50) पुत्र रामप्रकाश
सोमवार की शाम को बाजार से घर जा रहा था। आरोप है कि रास्ते में गांव के
प्रधान पुत्राें ने उसे रोक लिया और उसकी पिटाई शुरू कर दी। इसके बाद उसे
अपने घर ले गए और कमरे में बंद कर पिटाई की। जानकारी होने पर हरिराम की मां
पार्वती, पत्नी फूलमति, भाभी राम देवी और बहन पम्मी उसे छुड़ाने
पहुंची तो
उन लोगों को भी मारापीटा और पुलिस को बुलाकर हरिराम को चोरी का आरोप लगाकर
सौंप दिया। हरिराम ने बताया कि उसने चुनाव में बीडीसी प्रत्याशी नेकराम का
समर्थन किया था जबकि प्रधान बीडीसी प्रत्याशी इतवारी लाल के पक्ष में
मतदान देने का दबाव बना रहे थे। घटना से आक्रोशित ग्रामीण लामबंद हो गए और
थाना घेरने पहुंच गए। ग्रामीणों
के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने हरिराम को
चिकित्सीय परीक्षण के लिए स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया। थाने पर ग्रामीणों
का देर रात तक जमावाड़ा लगा रहा। इससे पहले थाना क्षेत्र के ग्राम भेरिया
निवासी राम प्रकाश (35) पुत्र अजय पाल को ग्राम प्रधान के पुत्र ने वोट न
देने पर पीटा। इसकी सूचना रामप्रकाश ने पुलिस को दी मगर पुलिस ने कोई
कार्रवाई नहीं
की। इस पर ग्रामीण लामबंद होकर पहुंचे और कार्रवाई करने की
मांग की। ग्रामीणों के दबाव में एसओ ने एनसीआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू
कर दी। क्षेत्र में दबंग प्रधानों की दबंगई से लोगों में आक्रोश है। इस
संबंध में एसओ
श्यामबहादुर सिंह ने बताया कि चुनाव को लेकर आपस में मारपीट
हो गई थी। दोनों पक्षों को बुलाकर कार्रवाई की जा रही है। उधर, आरोपी
प्रधानों ने मारपीट की घटना से इनकार कर दिया।