एसपी कार्यालय में मायूस बैठा गौरव।
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एक बेरोजगार युवक को पुलिस में दरोगा बनवाने का झांसा देकर करीबी रिश्तेदार और दोस्त ने 15 लाख रुपये ठग लिए। बदले में दरोगा की वर्दी, वायरलेस, कैप और स्टार दे गए, पर जब तैनाती का कागज नहीं मिला, तो मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस की नकली भर्ती की जांच अब असली पुलिस ने शुरू की है।
कासिमपुर थाना क्षेत्र के ग्राम गौरीदायमपुर निवासी गौरव जायसवाल के चाचा जुगुल किशोर जायसवाल पिछले दो वर्ष से कानपुर में रहते हैं। उनकी ससुराल भी कानपुर में है। गौरव की मानें तो उसके चाचा के साथ उनके दोस्त अजय सिंह अक्सर आते थे और खुद को पुलिस में इंस्पेक्टर बताते थे। आरोप है कि इन लोगों ने दरोगा बनवाने का लालच देकर पहले 35 हजार रुपये लिए और फिर किस्तों में 15 लाख रुपये हड़प लिए। बीती 10 नवंबर को गौरव के चाचा जुगुल किशोर और उनके मित्र अजय सिंह गांव पहुंचे और गौरव को पुलिस की वर्दी, वायरलेस, कैप, बैज और स्टार देकर गए।
इन ठगों ने यह भी बताया कि जल्द ही तैनाती का पत्र भी मिलेगा। इस पर काफी दिनों तक गौरव तैनाती पत्र की मांग करता रहा, पर पत्र नहीं मिला। अपने को ठगा महसूस कर मंगलवार को गौरव एएसपी पूर्वी ज्ञानंजय सिंह से मिला और घटना के बाबत आरोपियों के खिलाफ नामजद पत्र सौंपा। एएसपी ने बताया कि घटना की जांच कासिमपुर एसओ संजय मौर्या को दी गई है। उन्होंने बताया कि दरोगा बनकर आने वाला अजय कानपुर में पकड़ा जा चुका है। पुलिस ने अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।