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धारदार हथियार से सो रहे अधेड़ की हत्या

Tue, 08 Aug 2017 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरदोई
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मुर्दाघर के बाहर बैठे जवाहर के परिजन। - फोटो : amarujala
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हरपालपुर (हरदोई)। थाना क्षेत्र के ग्राम घोड़ीधर के मजरा नेवादा में सोमवार देर रात अधेड़ की धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी गई। मृतक के पुत्र ने पांच लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। 10 साल पहले जवाहर के भाई रामनिवास की भी हत्या हुई थी। जिन लोगों को रामनिवास की हत्या का आरोपी बनाया गया था, उन्हीं लोगों के  खिलाफ जवाहर की हत्या में भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस का कहना है कि दोनों परिवारों के बीच वर्चस्व की लड़ाई चलने की बात सामने आई है। 
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घोड़ीधर के मजरा नेवादा निवासी जवाहर बाथम (46) पुत्र  रामचंद्र सोमवार रात अपने घर के बाहर बने अहाते (बंगले) में  सो रहे थे। उनके पास ही उनकी मां कटोरी देवी और पुत्र प्रदीप भी सो रहे थे। रात करीब दो बजे धारदार हथियारों से लैस होकर आए पांच लोगों ने जवाहर पर हमला बोल दिया। चीख सुन बेटे व मां की आंख खुल गई। इन लोगों ने शोर मचाया तो हमलावर भाग निकले। प्रदीप ने गंभीर रूप से घायल जवाहर को बैलगाड़ी से सवायजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गया, जहां से उसे जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। जिला चिकित्सालय में भी हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने लखनऊ रेफर किया।

लखनऊ ले जाते समय रास्ते में ही जवाहर की मौत हो गई तो परिजन शव लेकर मुर्दाघर पहुंचे। यहीं से घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। इसके बाद हरपालपुर पुलिस घटना स्थल पर गई, जबकि शहर कोतवाली की पुलिस ने मोर्चरी पहुंचकर शव कब्जे में लिया और पंचनामे की कार्रवाई पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। हरपालपुर के प्रभारी निरीक्षक बृजेंद्र शुक्ला ने बताया कि प्रदीप ने गांव के ही अमर सिंह, गुटहिया निवासी अवधेश, नरेश समेत पांच लोगों के विरुद्ध धारदार हथियार से पुरानी रंजिश के चलते हत्या करने की तहरीर दी है। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। 
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10 साल पहले हुई थी जवाहर के बड़े भाई की हत्या 
हरपालपुर थाना क्षेत्र के नेवादा में जवाहर की हत्या पुरानी रंजिश में ही हुई। एक दशक पहले जवाहर के बड़े भाई रामनिवास की भी हत्या की गई थी। उक्त घटना में भी यही लोग आरोपी बनाए गए थे, जो जवाहर की हत्या में नामजद किए गए हैं। रंजिश किस बात की है इसको लेकर दोनों पक्षों से कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक रंजिश की अहम वजह न सिर्फ वर्चस्व कायम करना है बल्कि अवैध संबंधों की कहानी भी इसके पीछे है। 
सोमवार रात घर के अहाते में सो रहे जवाहर बाथम पर धारदार हथियारों से हमला बोला गया। मोर्चरी में मौजूद जवाहर के परिजनों ने बताया कि दस वर्ष पहले जवाहर के बड़े भाई रामनिवास खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान गांव के ही अमर सिंह, अखिलेश, गुटहिया के अवधेश आदि ने उन पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल हुए रामनिवास को लखनऊ मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। तब चार दिन भर्ती रहने के बाद रामनिवास की मौत हो गई थी। पूरे परिवार के लोगों का मानना है कि इस बार की घटना भी बिल्कुल उसी अंदाज में अंजाम दी गई, फर्क सिर्फ इतना था कि जवाहर पर सोते समय वार किया गया। ग्रामीणों की मानें तो रंजिश सिर्फ वर्चस्व की है। आरोपी अपने ससुरालीजनों के साथ मिलकर जवाहर के परिवार को निशाना बनाते रहे हैं। यह बात और है कि पिछले कुछ वर्ष से दोनों परिवारों के बीच संबंध सामान्य थे। 

दस वर्ष पहले हो गई थी जवाहर की पत्नी की मौत 
मुर्दाघर पर मौजूद मिले ग्रामीणों ने बताया कि जवाहर की पत्नी की मौत दस वर्ष पूर्व हो चुकी है। उसके तीन पुत्र प्रवीण, विपिन, और प्रदीप हैं।  प्रवीण और विपिन रुड़की में काम करते हैं जबकि प्रदीप घर पर ही रहता है। प्रवीण घटना की रात भी रुड़की में था, जबकि विपिन रक्षाबंधन पर घर आया था और अपनी ससुराल पाली थाना क्षेत्र के ग्राम गुजीदेई में गया हुआ था। 

मरा समझकर भागे थे हमलावर 
जवाहर के सिर, चेहरे और गर्दन पर धारदार हथियारों से ताबड़ तोड़ वार किए गए थे। हमलावर उसे जान से मारने की नियत से आए थे। शायद यही कारण रहा कि बदमाशों ने लगातार वार किए उसे मरा समझकर ही फरार हुए। हालांकि घटना के कुछ देर बाद अस्पताल ले जाते समय जवाहर ने दम तोड़ा।
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