इंदिरानगर के डी ब्लॉक स्थित ननिहाल में रह रहे 14 वर्षीय कक्षा आठ के छात्र ने बृहस्पतिवार दोपहर फांसी लगा ली। परिवारीजनों ने ब्ल्यू व्हेल सुसाइड गेम खेलते हुए खुदकुशी की आशंका जताई है। हालांकि, शुरुआती छानबीन में पुलिस को उसके मोबाइल फोन पर ब्ल्यू व्हेल अथवा किसी अन्य जानलेवा गेम का लिंक अथवा डाउनलोड नहीं मिला है। मोबाइल की जांच की जा रही है।
इंस्पेक्टर गिरजा शंकर त्रिपाठी ने बताया कि आदित्यवर्धन सिंह हरदोई निवासी अधिवक्ता रूपेश कुमार सिंह का बेटा था। करीब एक साल पहले मां अरुणा उसे पढ़ाई के लिए लखनऊ पिता उदय प्रकाश सिंह के घर ले आई थीं। उदय का पब्लिकेशन हाउस है और अरुणा वहीं नौकरी भी करती हैं। घर पर उदय के अलावा उनकी पत्नी सरला सिंह हैं। अरुणा ने बेटे का एडमिशन खुर्रमनगर रिंग रोड स्थित निर्मला कान्वेंट स्कूल में करा दिया था। बकौल अरुणा, बेटे की परीक्षाएं चल रही थीं। शुक्रवार को भी उसका पेपर था। बुधवार शाम तक वह दोस्तों के साथ खेलता रहा। उसकी गतिविधियां सामान्य थीं। बृहस्पतिवार सुबह उदय और अरुणा ऑफिस चले गए। घर पर आदित्य और उसकी नानी थीं। आदित्य अपने कमरे में था। दोपहर करीब एक बजे सरला ने पानी की मोटर बंद करने को उसे आवाज दी। कई बार पुकारने पर भी जवाब नहीं मिला तो सरला उसके कमरे में पहुंची। दरवाजा खोलकर देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। आदित्य का शव फंदे से लटका हुआ था। उनकी चीख सुन पड़ोसी विष्णु, गुड्डू व अन्य लोग आ गए। आदित्य को निजी अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिवारीजनों का कहना था कि आदित्य पढ़ाई में होशियार था। उस पर पढ़ाई का दबाव नहीं रहा। परिवार में अन्य कोई परेशानी नहीं थी। बीते एक सप्ताह से वह दिनभर मोबाइल में कोई गेम जरूर खेलता रहता था। अक्सर वह अकेले में देर रात तक गेम खेलता था। हो सकता है कि वह ब्ल्यू व्हेल जैसा कोेई खतरनाक गेम खेल रहा हो, जिसमें उसे खुदकुशी के लिए उकसाया जा रहा हो। हालांकि, फोन की पड़ताल में पुलिस को कोई खतरनाक गेम नहीं मिला है।