प्रदेश अध्यक्ष रमाकांत अर्कवंशी की अगुवाई में थाना परिसर के पास चल रहे भाकियू राष्ट्रीयतावादी के धरना प्रदर्शन में एसओ व विधायक प्रतिनिधि पर भाकियू नेताओं का उत्पीड़न करने का आरोप लगा नाराज कार्यकर्ता थाना परिसर में घुस गए। उन्होंने खुद को लॉकअप में बंद करने की मांग की। मौके पर पहुंचे सीओ संडीला नागेश मिश्र ने पदाधिकारियों से बात कर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन पदाधिकारी एसओ को हटाने की मांग पर अड़े रहे। बाद में एसपी ने उन्हें समझाया।
थाना परिसर के पास आयोजित धरने में प्रदेश अध्यक्ष रमाकांत अर्कवंशी ने कहा कि अतरौली एसओ व विधायक प्रतिनिधि भाकियू नेताओं का उत्पीड़न कर रहे हैं। दिसंबर में एसओ की मिलीभगत से भाकियू के प्रदेश सचिव समेत अन्य नेताओं पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिन्हें वापस लिया जाए। मंडल अध्यक्ष रावेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि एसओ की शह पर क्षेत्र से गुजरी नदियों के घाट से लगातार अवैध बालू का खनन व पेड़ों की कटान हो रही है। इस पर अंकुश लगाया जाए। धरने के दौरान एसओ की कार्यशैली से खफा कार्यकर्ता उग्र हो गए। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता गिरफ्तारी देने के लिए थाने पहुंच गए। लगभग आधा घंटे तक कार्यकर्ता थाने में डटे रहे। कार्यकर्ताओं के थाना परिसर में घुसने की जानकारी मिलने के बाद सीओ संडीला नागेश मिश्र मौके पर पहुंच गए और किसान नेताओं से बात की। किसान नेता एसओ को हटाने की मांग पर अड़ गए। वार्ता बेनतीजा रहने के कारण पदाधिकारी लखनऊ कूच कर गए। इधर मामला संज्ञान में आने पर एसपी आलोक प्रियदर्शी ने पदाधिकारियों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद पदाधिकारियों ने लखनऊ जाने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया। इस मौके पर प्रदेश संगठन मंत्री अशोक वाजपेयी, प्रदेश महासचिव विष्णु कुमार मिश्र, जिलाध्यक्ष रामलखनऊ पाठक, जिला उपाध्यक्ष रामकिशोर उर्फ घुन्नू तिवारी समेत पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।