पिहानी (हरदोई)। महमूदपुर सरैया गांव में जामा मस्जिद के जनरेटर को निजी इमामबाड़े के लिए इस्तेमाल करने पर बुधवार को दो पक्षों में विवाद हो गया। लाठी-डंडे, पथराव और फायरिंग में दोनों पक्षों से एक-एक व्यक्ति घायल हो गया। पुलिस ने दोनों को सीएचसी पिहानी भिजवाया है।
महमूदपुर सरैयां गांव निवासी मौलाना मुजीबुल हसन गुजरात के महुआ में एक मस्जिद के इमाम हैं। उन्होंने एक जनरेटर गांव की जामा मस्जिद में दान दिया था। करीब तीन दिन पहले मुजीबुल हसन बीमार चचा को देखने गांव आए थे। लोगों ने उन्हें बताया कि जनरेटर का इस्तेमाल निजी इमामबाड़े में किया जा रहा है। इस पर मुजीबुल हसन ने जनरेटर का इस्तेमाल करने वालों से नाराजगी जताई।
आरोप है कि नूरे, भूरे, अम्मन, छन्नू व जमीर ने गालीगलौज कर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। हमलावरों ने मुजीबुल हसन के कपड़े फाड़ दिए और ईंट-पत्थर चलाए। इस पर मौलाना पक्ष के लोग पहुंच गए। दोनों पक्षों से जमकर मारपीट, पथराव और फायरिंग भी हुई। इसमें एक पक्ष के मौलाना मुजीबुल हसन व दूसरे पक्ष के भूरे उर्फ हाथी घायल हो गए। भूरे का आरोप है कि मौलाना पक्ष के लोगों ने इमामबाड़े में ताला डाल दिया था। विरोध करने पर मारपीट शुरू कर दी। सूचना पर कोतवाल धर्मेश कुमार शाही गांव पहुंचे। पुलिस ने दोनों घायलों को सीएचसी पिहानी भिजवाया। कोतवाल ने बताया कि दो पक्षों में पथराव और लाठी-डंडे चले हैं। फायरिंग होने से उन्होंने इनकार किया है।