बीमारी से एएनएम की मौत हो गई। उसे शुक्रवार को लखनऊ ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था। दोपहर में ड्यूटी के दौरान ही हालत बिगड़ी थी। परिजनों का आरोप है कि प्रार्थना-पत्र देने के बाद भी सीएचसी अधीक्षक ने छुट्टी नहीं दी थी।
शनिवार को युवती के परिजनों ने अधीक्षक को मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए सीएचसी के सामने शव रखकर सड़क जाम कर दिया। छुट्टी के लिए अधीक्षक पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर अधीक्षक की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। करीब एक घंटे तक जाम लगा रहा।
पिहानी ब्लॉक सीएचसी में तैनात एएनएम अंबिका शुक्ला (55) पत्नी राजेश कुमार शुक्ला मूलरूप से लखीमपुर के पसिगवां थाना के जेबीगंज गांव की थी। वह पिहानी कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मिश्राना में किराये पर रहती थी।
पति राजेश कुमार ने बताया कि पिछले हफ्तेभर से वह बीमार थी। करीब चार दिन पहले उसकी तबीयत अधिक बिगड़ गई। उन्होंने अधीक्षक को अवक ाश के लिए प्रार्थना-पत्र दिया था, लेकिन अधीक्षक ने छुट्टी देने से इनकार कर दिया।
शुक्रवार को हालत बिगड़ने पर पत्नी ने अधीक्षक को फोन किया। अधीक्षक ने हरहाल में ड्यूटी पर जाने को कहा। पति के अनुसार बोलेरो से वह ड्यूटी करने गई थी। करीब एक बजे पत्नी को उल्टी होने लगी। हालत बिगड़ने पर नर्सिंगहोम में भर्ती कराया।
जहां पर हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। शनिवार सुबह करीब चार बजे एएनएम की मौत हो गई। सीएचसी अधीक्षक को मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए मृतका के परिजन करीब नौ बजे शव लेकर सीएचसी के सामने पहुंच गए।
जाम लगाने की सूचना पर एसडीएम वंदना त्रिवेदी, कोतवाल पवन त्रिवेदी पहुंचे और समझाने का प्रयास किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि अधीक्षक अवकाश देने के लिए 40 हजार रुपयों की मांग कर रहे थे।
एसडीएम के शिकायती पत्र लेकर मामले की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद ही परिजनों ने रोड से शव हटाया। परिजनों ने पोस्टमार्टम से इनकार करते हुए शव का अंतिम संस्कार कर दिया।