टडियावां। थाना क्षेत्र के अगौलपुर गांव में शनिवार रात लोडर से आए सात सशस्त्र डकैतों ने दो भाइयों के घर करीब दो घंटे उत्पात मचाया। डकैत एक भाई के घर से जेवर, सामान व दूसरे के घर से एक भैंसा, बकरी, साइकिल और सामान लूट ले गए। पुलिस पीड़ित को पूरा दिन टहलाती रही, शाम करीब सवा पांच बजे थाने में उसकी तहरीर ली गई।पीड़ित का दावा है कि करीब सवा लाख का सामान डकैत ले गए हैं। पुलिस डकैती पर संदेह जता रही है।
टडियावां थाना क्षेत्र के गांव अगौलपुर के बाहरी छोर पर हीरालाल और उनके भाई हरिश्चंद्र के मकान हैं। दोनों भाई शनिवार रात परिवार के साथ अपने-अपने छप्पर के नीचे सो रहे थे। रात करीब तीन बजे गोपामऊ की ओर से आकर एक लोडर हीरालाल के मकान के पास रुका। बदमाशों ने एक भैंसा लोडर में लाद लिया। खटपट होने पर हीरालाल के बेटे सुनील की नींद खुल गई। छप्पर से कुछ दूर एक बदमाश खड़ा था।
सुनील के टोकने पर उसने पेशाब करने की बात कही। सुनील पास गया तो कुछ बदमाशों ने उसकी पिटाई शुरू कर दी। इस पर हरिश्चद्र की पत्नी जाग गई। विरोध करने पर बदमाशों ने डंडों से उसकी भी पिटाई कर दी। इसके बाद बदमाश हीरालाल के घर में घुस गए और जेवर सहित अन्य सामान बटोर लिया। बदमाश हरिश्चंद्र के घर से एक भैंसा, बकरी, साइकिल और बर्तन लूट ले गए। करीब दो घंटे लूटपाट करने के बाद तड़के करीब 5:30 बजे बदमाश बहोरवा गांव की ओर भाग निकले।
करीब सात बजे जानकारी होने पर पड़ोसी गांव का युवक अजय उधर से निकला। उसने गोपामऊ पुलिस चौकी पर मोबाइल से सूचना दी। करीब आधे घंटे बाद वीरेंद्र सिंह तोमर मौके पर पहुंचे और इधर उधर देखकर लौट गए। सुनील ने बताया कि करीब 30 से 35 साल उम्र के सात बदमाश थे। सभी बदमाश तमंचे लिए थे। बदमाश बिछुआ, झाले, मांगबेंदी, जंजीर, एक अंगूठी और पायल के अलावा अन्य सामान ले गए हैं।
पीड़ित पूरा दिन चौकी में तहरीर लेकर बैठे रहे। शाम करीब 5:15 बजे टडियावां थाने गुड्डी पत्नी हरिश्चंद्र ने थाने में तहरीर दी। देर शाम तक पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। पुलिस ने पिहानी क्षेत्र के जरैली गांव के तीन लोगों को हिरासत में लिया था, बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। थानाध्यक्ष टडियावां भानू प्रताप सिंह का कहना है कि अभी तक तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।