पिहानी। मनिकापुर निवासी अबरार की हत्या उसके सगे छोटे भाई और उसके साले की पत्नी ने कराई थी। उसकी हत्या के लिए सिरौदिया निवासी युवकों को 25 हजार रुपये की सुपारी दी थी। गुरुवार को एएसपी पश्चिमी ने कोतवाली में हत्याकांड का खुलासा किया।
एएसपी पश्चिमी निधि सोनकर ने कोतवाली में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि अबरार 25 मार्च को घर से निकला था। अगले दिन दमगढ़ा पुल के निकट उसका शव मिला था। धारदार हथियार से गला रेतकर उसकी हत्या की गई थी। हत्याक ांड में मृतक के भाई इसरार ने अबरार के ससुरालीजन मोबीन, मुस्तकीम व बबलू पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
एएसपी ने बताया कि पुलिस हत्याकांड के खुलासे का प्रयास कर रही थी। इस दौरान इसरार आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के लिए दबाव बना रहा था। इससे वह शक के दायरे में आया। इसरार को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई। इस पर उसने बड़े भाई की सुपारी देकर हत्या का जुर्म स्वीकार किया।
पुलिस का दावा है कि अबरार के सिरौदिया निवासी साले बबलू क ी पत्नी फखरुनिशां के साथ संबंध हो गए थे। वह फखरुनिंशा से शादी के लिए दबाव बना रहा था। इसी बीच फखरुनिशां की पति बबलू से अनबन हो गई। इसके चलते वह मायके मढियाघाट थाना मैगलगंज लखीमपुर खीरी चली आई थी।
अबरार का यहां भी आना जाना रहता था। फखरुनिशां के सिरौदिया निवासीमुन्ना उर्फ महरूददीन पुत्र मोहम्मद नबी व नसीम पुत्र मसीत बेग से भी संबंध थे। एएसपी ने बताया कि अबरार कोई काम नहीं करता था। वह इसरार से आए दिन मारपीट कर रुपये लेता था। इसी बात से खुन्नस खाए थे।
इसी बीच उसका फखरुनिशां से संपर्क हुआ। दोनों ने अबरार की हत्या की साजिश रची। अबरार की हत्या के लिए मुन्ना व नबी को 25000 हजार की सुपारी दी थी। बताया कि 25 मार्च को चारों वैन से मानिकपुर गए थे। फखरुनिशां ने ही फोन कर उसे गांव के बाहर बुला लिया था।
उसको वैन में बिठाकर दमगढ़ा पुल पर ले गए। जहां पर चाकू से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी थी। एएसपी ने बताया कि चारों आरोपियों ने पूछताछ में जुर्म स्वीकार किया है। बताया कि इसरार, फखरुनिशां, मुन्ना व नसीम को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। इस दौरान सीओ श्यामाकांत त्रिपाठी, कोतवाल पवन त्रिवेदी मौजूद रहे।