हरदोई। माधौगंज क्षेत्र के सहिजना निवासी राजेश की मौत के मामले की मजिस्ट्रेटी जांच एसडीएम बिलग्राम करेंगे। पुलिस हिरासत में राजेश की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई थी। परिजनों ने पुलिस पर पिटाई का आरोप लगा कर मुंशी सहित पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। हत्या के मामले में कोई भी व्यक्ति 15 मार्च को एसडीएम बिलग्राम कोर्ट में जाकर साक्ष्य खुद दे सकता है।
माधौगंज थाना क्षेत्र के सहिजना निवासी राजेश (40) चंदौली गांव में बहनोई के पास रहता था। बहनोई और उसके भाई में विवाद हो गया था। शिकायत दर्ज कराने थाने गए राजेश को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। रात में राजेश की हालत बिगड़ गई और 20 फरवरी को अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया। परिजनों ने पुलिस पर लॉकअप में पिटाई का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया।
कई थानों की पुलिस पहुंचने पर जैसे तैसे भीड़ शांत हुई थी। तहसीलदार बिलग्राम राजेश कुमार की मौजूदगी में शव का पंचनामा भरा गया और डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। बहनोई रामदुलारे का आरोप था कि राजेश को छोड़ने के लिए पुलिस ने पांच सौ रुपये मांगे थे। रुपये न देने पर मुंशी रामसेवक वर्मा व अन्य पुलिसकर्मियों ने उसकी पिटाई की। इससे उसकी मौत हो गई।
एसपी चंद्रप्रकाश ने मुुुंशी निलंबित कर दिया था। बहनोई की तहरीर पर मुंशी रामसेवक वर्मा, उमाशंकर , संदीप, बबलू, अनिल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। राजेश की मौत के मामले में डीएम ने मजिट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। जांच एसडीएम बिलग्राम ओम प्रकाश गुप्ता करेंगे। उन्होंने बताया कि 15 मार्च को अपने कार्यालय में गवाहों के बयान दर्ज करेंगे। राजेश की मौत के मामले की किसी भी व्यक्ति को कोई साक्ष्य या अभिलेख प्रस्तुत करना है तो एसडीएम बिलग्राम कोर्ट में खुद आकर दे सकता है।