हरदोई। किशोरों में महंगे मोबाइल की चाहत अब जानलेवा भी साबित होने लगी है। कुछ ऐसा ही मामला शहर कोतवाली के ग्राम सिब्बापुरवा में रविवार दोपहर सामने आया। यहां राजमिस्त्री के पंद्रह वर्षीय बेटे ने मोबाइल दिलाने की जिद पूरी न होने पर फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।
शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सिब्बापुरवा निवासी चंद्रशेखर राजमिस्त्री है। उसके परिवार में पत्नी सुदामा है। इकलौता बेटा राजीव (15) सधई बेहटा स्थित जूनियर स्कूल में कक्षा सात का छात्र था। रविवार सुबह चंद्रशेखर काम पर चला गया और पत्नी सुदामा घर के कामकाज में व्यस्त थी। दोपहर करीब सवा बारह बजे मां पुत्र राजीव के कमरे की तरफ गई तो उसका शव रस्सी के फंदे से लटकता देखकर उसके होश उड़ गए। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर आ गए। पड़ोसियों ने घटना की सूचना चंद्रशेखर को दी। चंद्रशेखर ने बताया कि राजीव एक साल से महंगे एंड्राइड मोबाइल की जिद कर रहा था। उसने इसी महीने उसे मोबाइल दिलाने का आश्वासन दिया था। क्या पता था कि मोबाइल न मिलने पर वह ऐसा कदम उठा लेगा। कोतवाल शैलेंद्र श्रीवास्तव ने बताया परिजनों ने आरोप से इनकार किया है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
घर का खर्च चलाना मुश्किल, कैसे दिलाता मोबाइल
हरदोई। सिब्बापुरवा में पिता की मजबूरी की उसकी दुश्मन बन गई। उसे क्या पता था कि बेटा मोबाइल न मिलने पर खुदकुशी कर लेगा। चंद्रशेखर के पास नाम मात्र की जमीन है। वह राजगिरी कर परिवार का पेट पाल रहा था। इसके बाद अन्य जरूरतें पूरी करने में सक्षम नहीं था। इसकी वजह से वह बेटे राजीव को मोबाइल दिलाने का आश्वासन दे रहा था।