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तीन युवकों का अपहरण करने में सिपाही गिरफ्तार-Cordination

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क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
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कोतवाली पुलिस ने शनिवार की देर रात तीन अपहृत युवकों को छुड़ाने के साथ ही अपहरण करने वाले पांच आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार अपहरणकर्ताओं में एक अतरौली थाने का सिपाही भी शामिल है। अपहरणकर्ताओं के कब्जे से पुलिस ने दो कार और मोबाइल आदि बरामद किया है। शनिवार की मध्यरात्रि करीब दो बजे अपहरणकर्ताओं की ओर से मांगी गई फिरौती की रकम पहुंचाने के दौरान पुलिस को यह कामयाबी मिली।

अतरौली कोतवाल प्रवेश राणा ने बताया कि शनिवार को थाना संभल के गांव बदरई निवासी बबलू पुत्र राजेंद्र कश्यप ने अतरौली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके भाई किशनपाल, दिनेश व बलवीर पुत्र बिन्नामी का अपहरण कर लिया गया है। अपहरणकर्ताओं ने उन्हें छोड़ने की एवज में पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर अपहृतों को छुड़ाने के लिए आपरेशन शुरू कर दिया।
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अतरौली कस्बा चौकी इंचार्ज चंचल सिरोही के नेतृत्व में टीम सुराग लगाते हुए बबलू के मोबाइल पर फिरौती की रकम पहुंचाने के लिए बताए गए स्थान (नई आबादी तहसील अतरौली के सामने मोबाइल टावर के निकट) जाल बिछाया। पुलिस की प्लानिंग के तहत पहले वादी को फिरौती की रकम देने के लिए बताए गए स्थान पर भेजा गया।

टावर के बराबर वाले मकान से दो व्यक्ति बाहर आए और बबलू को अपने साथ घर के अंदर ले गए। उसके अंदर जाते ही पुलिस ने छापा मारा। अपहरणकर्ताओं के चंगुल से तीनों युवकों को छुड़ाने के साथ ही पांच अपहरणकर्ताओं को पकड़ लिया।
पकड़े गए अपहरणकर्ताओं में अतरौली थाने में तैनात सिपाही पवनेश कुमार के साथ अशोक पुत्र राजवीर सिंह निवासी गांव महेवा कला थाना ढोलनाजिला कासगंज, राजकुमार पुत्र राकेश, इंद्रपाल पुत्र बादशाह व राकेश पुत्र मंगल सिंह निवासीगण नौगवां थाना गंगीरी शामिल हैं। पुलिस टीम में एसआई सतेंद्र गौतम, विनीत कुमार, कांस्टेबल दुर्गपाल सिंह, दीपक कुमार, राकेश कुमार, गुरुदीप सिंह, विनोद कुमार शामिल थे।

दो दिन से ड्यूटी से नदारद था सिपाही पवनेश
अपहरणकर्ताओं के साथ पकड़ा गया अतरौली थाने का सिपाही पवनेश कुमार इंस्पेक्टर की गाड़ी पर बतौर हमराह भी रहा है। बताते हैं कि वह ड्यूटी में अक्सर लापरवाही करता था। दो दिन से बगैर बताए ड्यूटी से नदारद था। थाने में उसके नदारद रहने की रपट लिखी जा रही थी। अपहरणकर्ताओं के साथ सिपाही पवनेश के पकड़े जाने पर थाने का स्टाफ भी हक्का बक्का रह गया।

ऐसे रची गई अपहरण की कहानी
जिला संभल के गांव बदरई निवासी बबलू ने बताया कि उनका भाई किशनपाल दिल्ली में टैक्सी चलाता है। शनिवार को वह सवारियां लेकर अलीगढ़ के क्वारसी गया था। वहां से किशनपाल अपने छोटे भाई दिनेश व बलवीर के साथ अतरौली होते हुए गांव बदरई लौट रहे थे। अतरौली के अवंतीबाई चौराहे पर जाम के कारण उन्होंने पाली मार्ग से पिलखुनी नहर की पटरी से होते हुए गाड़ी निकाली। नहर की पटरी पर दिनेश व बिन्नामी गाड़ी किनारे खड़ी कर शौच करने चले गए। किशनपाल गाड़ी में लेटे रहे, तभी एक कार में पांच लोग आए और कहा कि वह पुलिस वाले हैं। तुम लोग सट्टे की खाईबाड़ी करते हो। हमारे साथ थाने चलो। वह लोग उन्हें थाने न ले जाकर एक मकान में ले गए। उनसे पूरा पता जानने के बाद परिजनों को फोन कराया कि पांच लाख रुपये लेकर आओ तभी तीनों को छोड़ा जाएगा। बबलू कुछ लोगों के साथ शनिवार की शाम करीब चार बजे कोतवाली पहुंचा और पुलिस को सूचना दी। पुलिस के नाम पर तीन लोगों के एक साथ अपहरण की सूचना से पुलिस भी सन्न रह गई। कोतवाल प्रवेश राणा तत्काल मुकदमा दर्ज कर उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए सर्च अभियान में जुट गए।
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गंगीरी में भी तैनात रहा है पवनेश
अपहरणकर्ताओं के साथ पकड़ा अतरौली थाने का सिपाही पवनेश कुमार गंगीरी थाने में भी तैनात रहा है। बताया जाता है कि वहां भी उसका चाल चलन ठीक नहीं था। नौगवां के एक व्यक्ति से थाने के अंदर उसकी मारपीट भी हुई थी। तब यह घटना काफी चर्चित हुई थी। चर्चा है कि गंगीरी में तैनाती के दौरान ही उसके साथ पकड़े गए नौगवां और ढोलना के अपहरणकर्ता संपर्क में आए थे।
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