हरदोई। जनगणना की भांति पूरे देश में एक साथ पशुगणना कराई जाएगी। भारत सरकार ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। एक सितंबर से 31 दिसंबर तक पशुगणना में पशुओं के साथ ही मुर्गा-मुर्गियों की भी गिनती की जाएगी। गणना के साथ ही पशुओं के कान में टैग में लगाए जाएंगे।
एक सितंबर से होने वाली पशुगणना की यहां पर तैयारियां शुरु करा दी गई हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि पशुगणना के लिए यहां पर 43 गणना सुपरवाइजर और 342 गणना सहायक लगाए गए हैं। गणना सहायक आवंटित क्षेत्र में घर-घर जाकर पशुगणना करेंगे। पशुओं की नस्ल, श्रेणी के साथ पूरा विवरण जुटाएंगे और कान में टैग लगाएंगे।
टैग नंबर आधार नंबर की भांति पशुधन विकास की योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ पशुपालकों को दिलाने में सहायक साबित होगा। बिना टैग नंबर के अब पशुधन का बीमा, दुर्घटना के समय क्षतिपूर्ति भी नहीं मिला करेगी। बताया कि एक साथ होने वाली गणना में निजी पशुपालकों के यहां पशुधन के साथ ही आश्रयस्थलों, गो-शालाओं में संरक्षित मवेशियों की भी गणना की जाएगी। बताया कि गणना सुपरवाइजरों को निदेशालय स्तर पर प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। गणना की नियमित ऑनलाइन फीडिंग भी होगी।