हरदोई। खाड़ी देशों में भले ही युद्ध विराम हो गया लेकिन जिले में रसोई चलाने के लिए आम उपभोक्ता को बुकिंग, पर्ची और ई-केवाईसी के लिए लाइन लगानी पड़ रही है। उपभोक्ताओं को कभी सर्वर डाउन तो कभी पिछली तारीखों की डिलीवरी न हो पाने की बात कहकर गैस एजेंसी संचालक टरका दे रहे हैं।
युद्ध के दौरान पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति और परिवहन की समस्या के समय किए गए नियमों में बदलाव अब उपभोक्ताओं के लिए समस्या साबित हो रहे हैं। रसोई एलपीजी सिलिंडर की रिफिल बुकिंग के बाद कई-कई दिनों बाद तक सिलिंडर की डिलीवरी न मिलने से उपभोक्ताओं में चिंता लाजमी है। ऐसे में उपभोक्ता अपनी गैस एजेंसी के कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद भी एक सप्ताह बाद भी सिलिंडर की डिलीवरी नहीं मिल पाती है तो गैस एजेंसी कार्यालय पहुंच रहे हैं।
उपभोक्ता बुकिंग के सिलिंडर की डिलीवरी न होने और संभावित डिलीवरी की जानकारी के लिए लाइन में लगने को मजबूर हो रहे हैं। वहीं, पर्ची और ई-केवाईसी के लिए भी बड़ी संख्या में उपभोक्ता गैस एजेंसी के कार्यालयों पर पहुंच रहे हैं। गैस एजेंसी संचालकों की मनमानी से उपभोक्ताओं को कार्यालय पर पूरा-पूरा दिन लाइन में लगना पड़ रहा है। कभी सर्वर डाउन तो कभी बायोमेट्रिक न लेने से ई-केवाईसी न हो पाने की बात कह कर टरका दिया जा रहा है।
नियमित डिलीवरी का दावा भी खोखला
बुकिंग के 48 घंटे के अंदर सिलिंडर की डिलीवरी का दावा भी खोखला साबित हो रहा है। खाड़ी देशों में युद्ध के दौरान पेट्रोलियम पदार्थों और परिवहन की समस्या के बाद सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों ने घरेलू एलपीजी सिलिंडर की रिफिल बुकिंग की समयसीमा 21 दिन से बढ़ा कर 28 दिन कर दी। बुकिंग के 48 घंटे के अंदर डिलीवरी का दावा किया गया लेकिन हकीकत इससे परे है। जिले में कोई भी गैस एजेंसी 48 घंटे के अंदर रसोई एलपीजी सिलिंडर की डिलीवरी नहीं दे पा रही है। इससे उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।