टड़ियावां ब्लाक अंतर्गत ग्राम गौराडांडा में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कालेज सहित 3 अरब 60 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। आयुष्मान भारत योजना को पूरे विश्व में मोदी केयर योजना के रूप में प्रसिद्धि मिली है। अब गरीब को इलाज के लिए खेत और मकान नहीं बेचने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि जिले को भाजपा सरकार ने मेडिकल कालेज सहित सैकड़ों परियोजनाओं की सौगातें दी है। अब घर-घर कमल दीपक जलना चाहिए।
गौराडांडा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सीएम ने जिले के लोगों को मेडिकल कालेज की बधाई दी। कहा कि हर वर्ष एमबीबीएस के 100 छात्र यहां दाखिला पाएंगे। पढ़ाई पूरी कर चिकित्सक बनेंगे तो हरदोई का भी नाम होगा। मेडिकल कालेज के निर्माण से मरीजों को लखनऊ और दूसरे महानगरों तक नहीं दौड़ना पड़ेगा। कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का मुख्यमंत्री ने अभिनंदन किया। कहा कि प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार के सहयोग से हर जिला चिकित्सालय में निशुल्क डायलिसिस की व्यवस्था पर कार्य शुरू कर दिया है। कई जिला अस्पताल में यह सुविधा मिलने भी लगी है। लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस सरकार ने हर जिले में भेज दी हैं। अब तक इन एंबुलेंस से 78 हजार लोगों को जीवनदान मिला है। प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने कहा कि चिकित्सकों की कमी तभी दूर होगी, जब मेडिकल कालेज खुलेंगे। प्रदेश में 13 मेडिकल कालेज मंजूर हुए हैं, जिनमें हरदोई मेडिकल कालेज के रूप में पांचवें का शिलान्यास हो रहा है। मंच पर भाजपा जिलाध्यक्ष सौरभ मिश्रा, जिला प्रभारी सुधीर सिंह सिद्धू, सांसद अंशुल वर्मा, अंजूबाला, अशोक वाजपेई, पूर्व सांसद नरेश अग्रवाल, विधायक रजनी तिवारी, प्रभाष कुमार, रामपाल वर्मा, राजकुमार अग्रवाल, नितिन अग्रवाल, माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू, आशीष कुमार सिंह आशू और श्यामप्रकाश भी मौजूद रहे। आभार भाजपा जिलाध्यक्ष सौरभ मिश्र ने व्यक्त किया।
सांसदों से पूछिए कितना पसीना बहाया : नड्डा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि हरदोई में मेडिकल कालेज की मांग कई वर्षों से हो रही थी, लेकिन किसी सरकार ने इसे पूरा नहीं किया। कुछ लोगों को मेडिकल कालेज सामान्य बात लगती है, लेकिन सांसद अंशुल वर्मा और अंजूबाला से पूछो कि इसके लिए कितना पसीना बहाया। प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इस पर सहमति दी। जल्द ही प्रदेश के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित करेंगे। इस पर तेजी से कार्य चल रहा है।