देहात कोतवाली क्षेत्र के प्रगति नगर में 10 नवंबर को संदिग्ध हालात में हुई कपिल नामक युवक की मौत की गुत्थी और उलझ गई है। पुलिस और घरवालों के मुताबिक मरने वाला युवक रेलवे में टिकट कलेक्टर (टीसी) था। पांच दिन बाद खुलासा हुआ कि वह रेलवे का कर्मचारी था ही नहीं।
उसने आत्महत्या की या उसे कत्ल किया गया, इस पर भी अभी पर्दा पड़ा है, क्योंकि पुलिस ने अभी मामले की जांच तक शुरू नहीं की है, घटना की तह तक पहुंचना तो दूर की बात है। इसके अलावा मरने वाले युवक के पिता के पास तमाम ऐसे कागजात हैं जो उसे रेलवे का कर्मचारी साबित करते हैं।
विभागीय अधिकारियों ने ही जब इन कागजातों को फर्जी करार दिया तो पुलिस के सामने एक और चुनौती खड़ी हो गई कि क्या जिले में कोई ऐसा रैकेट सक्रिय है जो रेलवे में नौकरी के नाम पर लोगों को ठग रहा है और यदि युवक का कत्ल हुआ तो उसमें कहीं इसी गिरोह का हाथ तो नहीं है।
कपिल (27) प्रगति नगर में राजेश जायसवाल के मकान में किराए का कमरा लेकर रहता था। मूल रूप से भुसेरा हरपालपुर का रहने वाला था। 10 नवंबर को कमरे में ही उसका शव दुुपट्टेे के सहारे लटका मिला था। कमरे की खिड़की खुली थी और उसके पैर भी जमीन पर लगे हुए थे।
पिता धनीराम ने बताया था कि उसका पुत्र रेलवे में टीसी के पद पर हरदोई रेलवे स्टेशन पर तैनात था, जहां से कुछ दिन पहले उसका स्थानांतरण कन्नौज के सरायमीरा स्टेशन पर हुआ था। सोमवार को धनीराम उसके कागजात लेकर हरदोई रेलवे स्टेशन पहुंचा और स्टेशन अधीक्षक राम रतन से मुलाकात कर क्लेम आदि के बारे में की।
स्टेशन अधीक्षक ने कागजात देखकर बताया कि इस नाम का कोई टीसी उनके यहां नहीं रहा। यह सुनते ही पिता के होश उड़ गए। उन्होंने रेलवे परीक्षा और ट्रेनिंग के संबंध में मिली मेल व मोबाइल पर मिले मैसेज तथा रेलवे परीक्षा का प्रवेश पत्र दिखाया। इस पर स्टेशन अधीक्षक ने कागजातों को फर्जी करार दिया। धनीराम ने बताया कि वह इस संबंध में मंगलवार को एसपी से मिलकर जांच की मांग करेंगे।
पिता से क्यों बोला झूठ
धनीराम के मुताबिक कपिल ने बताया था कि उसने तीन मई 2013 को भगवंत इंटर कालेज मल्लावां में रेलवे में टीसी भर्ती की परीक्षा दी थी, जिसमें वह पास हो गया और 40 दिन की ट्रेनिंग अवधि में 22 जनवरी 2015 से हरदोई रेलवे स्टेशन पर काम शुरू कर दिया। इसके बाद कुछ दिन पहले उसका ट्रांसफर कन्नौज के सरायमीरा स्टेशन पर हो गया था।
पिता ने दिखाए ये कागजात
रेलवे परीक्षा का प्रवेशपत्र, जिसमें 3 मई 2013 दर्ज है।
रेलवे ग्रुप की फिजिकल परीक्षा का प्रवेशपत्र।
ट्रेनिंग के लिए आई मेल की फोटो कापी।
पिता के मोबाइल पर आए नियुक्ति संबंधी मैसेज की फोटो कापी।
कपिल नाम का कोई भी टीसी यहां तैनात नहीं रहा है। संभावना है कि वह किसी फर्जीवाडे़ में फंस गया और परिजनों को भी गुमराह करता रहा। यहां के किसी भी कर्मचारी का ट्रांसफर दूसरे जोन में डिवीजन से ही संभव है। पिछले एक साल में ऐसे नाम के किसी व्यक्ति का ट्रांसफर भी नहीं हुआ।- राम रतन स्टेशन अधीक्षक हरदोई
कपिल नाम का कोई रेलवेकर्मी यहां तैनात नहीं रहा है। यह लाइन एन ई रेलवे में आती है जबकि हरदोई नार्दन रेलवे में आता है। कपिल नाम का कोई टीसी तैनात नहीं रहा।-एससी मिश्रा, स्टेशन मास्टर सरायमीरा कन्नौज
विद्यालय में रेलवे की प्रवेश परीक्षा कभी नहीं हुई। गत वर्ष पुलिस परीक्षा आयोजित हुई थी। विद्यालय की ओर से रेलवे परीक्षा के लिए कोई पत्र भी जारी नहीं किया गया।-योगेंद्र कुमार, प्रधानाचार्य बीएन इंटर कालेज भगवंत नगर मल्लावां
फांसी पर लटके मिले युवक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया था, जिसमें फांसी से मौत की पुष्टि हुई थी। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना की विवेचना की जा रही है। फर्जी टीसी का मामला सामने आने पर इस बिंदु पर भी जांच कराई जाएगी।-उमेश कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक हरदोई