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मुआवजे का इंतजार, दे दो सरकार

Tue, 28 Jul 2015 12:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,हरदोई
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अतिवृष्टि से चौपट हुई रबी की फसलों के लिए प्रभावित किसानों को मुआवजा मिलने को लेकर काफी लेट-लतीफी हो रही है। प्रभावित लगभग 5 लाख किसानों के सापेक्ष अभी तक करीब 1.55 लाख किसानों को ही मुआवजा मिल सका है। इसमें भी कहीं बैंक में तो कहीं तहसील में खेल होने के साथ सर्वे से लेकर वितरण तक में अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं।
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तहसील के अफसरों से हुई बातचीत के अनुसार, मिले आंकड़ों पर गौर करें तो अभी प्रभावित किसानों में करीब 31 से 32 फीसदी तक ही मुआवजा की चेक पहुंची है। प्रभावित किसानों के लिए मांगी गई 227 करोड़ की धनराशि में जिले को करीब 45.35 करोड़ राशि मिली है और 44 करोड़ का वितरण हो चुका है ।

ऐसे में मुआवजे की रकम को लेकर किसान निराश हो रहे हैं। उधर, चेक वितरण से लेकर बैंकों से पेमेंट में खेल होने बिचौलियों के हावी रहने से तमाम किसानों के हक पर बिचौलियों ने हाथ साफ कर दिए। ज्ञात हो कि प्रशासन द्वारा ओलावृष्टि और बारिश से हुए नुकसान को लेकर सर्वे पर जो आंकड़े भेज कर सहायता राशि की डिमांड की थी, उन आंकड़ों को लेकर तमाम राजनीतिक दलों के नेता एवं किसान सवालिया निशान लगाते रहे हैं।
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मुआवजा राशि बांटने को लेकर धरना प्रदर्शन तक हो चुके है। लोगों को कहना था कि सर्वे पर सवालिया निशान हैं। सर्वे के आंकड़ोें में जिले की कुल पांच तहसीलों में सबसे ज्यादा नुकसान सदर तहसील क्षेत्र में है और सबसे कम नुकसान संडीला क्षेत्र का है।

कुल नुकसान आकलन 227 करोड़ का बताया गया था, जिसमें करीब 45 फीसदी सिर्फ हरदोई सदर तहसील क्षेत्र का है और 55 फीसदी में संडीला, बिलग्राम, शाहाबाद, सवायजपुर तहसील क्षेत्र है। आरोप लगा था कि सर्वे में खेल है या फिर मौसम का खेल है, जिससे बारिश और ओलावृष्टि ने सबसे ज्यादा सदर तहसील क्षेत्र में नुकसान पहुंचाया और अन्य तहसीलों में बरसात कम हुई है या फिर तमाम किसानों के यहां बरसात हुई ही नहीं है, जिसके कारण वहां नुकसान कम हुआ।

उधर, जिला प्रशासन द्वारा शासन से पांचों तहसीलों के लिए करीब 227 करोड़ की मांग की गई थी, जिसके सापेक्ष अभी तक करीब 45 करोड़ की धनराशि मिलने के साथ वितरण हुआ है। 60 फीसदी से अधिक प्रभावित किसान अभी भी मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं।
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