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Hardoi News: तबादले के बाद वित्तीय मंजूरी मामले की जांच करेगी कमेटी

Fri, 23 Feb 2024 01:32 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
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फोटो-30- गुरुवार के अंक में प्रकाशित खबर। संवाद
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- प्राथमिक जांच में हो चुकी है पुष्टि, विस्तृत जांच के लिए बनाई गई है कमेटी- शाहाबाद और भरखनी का है मामला
संवाद न्यूज एजेंसी

हरदोई। तबादले के बाद मनरेगा संबंधी कार्याें की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति किए जाने का मामला तूल पकड़ गया है। डीएम ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी गठित की है। एक सप्ताह के अंदर जांच रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।
शाहाबाद और भरखनी में खंड विकास अधिकारी के पद पर तैनात रहे मनवीर सिंह का तबादला 24 जनवरी को शासन से जारी सूची में बिजनौर जनपद कर दिया गया था। तबादला सूची जारी होने के बाद उन्होंने भरखनी और शाहाबाद के 62 कार्याें को वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति गुपचुप ढंग से दे दी थी। इन कार्याें की कुल लागत दो करोड़ 80 लाख रुपये है।
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डीएम एमपी सिंह को पूरे मामले की गोपनीय जानकारी मिली थी और उन्होंने मनरेगा उपायुक्त से प्राथमिक जांच कर रिपोर्ट देने को कहा था। रिपोर्ट के मुताबिक न सिर्फ तबादला आदेश आने के बाद बल्कि कार्य मुक्त होने के बाद भी मनवीर सिंह ने मनरेगा कार्याें की वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति दी थी।
अमर उजाला ने गुरुवार के अंक में इस पूरे खेल का खुलासा किया था। डीएम एमपी सिंह उक्त कार्याें पर पहले ही रोक लगा चुके हैं। अब मामले की विस्तृत जांच के लिए जिला विकास अधिकारी अरविंद कुमार और वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा अनिल कुमार सिंह को डीएम ने नामित किया है।
डीएम ने बताया कि एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच में इस बात कीपुष्टि हुई कि तबादला और कार्यमुक्त होने के बाद वित्तीय स्वीकृति दी गई है, लेकिन विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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इनसेट
कार्यभार छोड़ने के बाद दी सवा करोड़ रुपये के कामों को स्वीकृति
शाहाबाद और भरखनी विकास खंड से जुड़े विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि तीस जनवरी को दोपहर में कार्यमुक्त होने के बाद भी तत्कालीन खंड विकास अधिकारी ने वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति दी थी। इतना ही नहीं इसके अगले दिन भी उन्होंने सवा करोड़ रुपये के कार्याें को वित्तीय स्वीकृति दी थी। अब मामला खुल जाने पर हर कोई खुद को बचाने की कवायद में लगा है।
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