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Hardoi News: नहीं मिल रहे व्यवसायिक सिलिंडर, भट्ठी-इंडक्शन पर टिका कारोबार

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फोटो-03- ठेले पर गैस भट्टी पर रोटियां सेंकता दुकानदार अशोक। संवाद
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फोटो-04- इंडक्शन चूल्हे पर चाय बनाता दुकानदार विकाश। संवाद
दुकानदारों ने रोजी-रोटी चलाने के लिए लकड़ी और कोयला की भट्ठियों का उपयोग किया शुरू
घर से बुकिंग न होने पर एजेंसियों पर बुकिंग के लिए पहुंच रहे उपभोक्ता
संवाद न्यूज़ एजेंसी

हरदोई। व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति न मिलने का असर छोटे कारोबार पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है। सिलिंडर की रीफिल न मिलने से रेहड़ी-पटरी दुकानदारों का काम ठप होने लगा। दुकानदारों का कारोबार इंडक्शन और भट्ठियों पर आ गया है। रोजी-रोटी चलाने के लिए दुकानदारों ने लकड़ी और कोयला की भट्ठियों का उपयोग शुरू किया है।
पश्चिमी एशिया में युद्ध के हालात का पेट्रोलियम पदार्थों में रसोई गैस पर अधिक पड़ता दिखाई दे रहा है। घरेलू सिलिंडर की आपूर्ति गैस एजेंसियों को मिल जा रही है जबकि व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति भी नहीं मिल पा रही है। वहीं उपलब्ध व्यावसायिक सिलिंडरों की डिलीवरी शैक्षिक संस्थान, प्रशिक्षण केंद्रों और एमडीएम के लिए स्कूलों में दिए जाने की वरीयता दी गई है। इससे व्यावसायिक उपयोग के लिए दुकानदारों को सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं। इससे छोटे दुकानदार अधिक प्रभावित हुए हैं। अब उनके पास गैस भी नहीं बची है और परिवार के पालन-पोषण के लिए दुकान का संचालन भी जरूरी है।
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सिलिंडर न होने पर दुकानदारों ने इंडक्शन चूल्हा और लकड़ी व कोयला की भट्ठियों को उपयोग में लाना शुरू किया है। इससे लोगों को अब एक बार फिर से भट्ठियों पर पकाई गई रोटियां खाने को मिल रही हैं। ढाबा, टिफिन सर्विस और छोटे होटलों में भी लकड़ियों और कोयला का उपयोग कर खाद्य सामग्री को पकाया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज के बाहर चाय-समोसा आदि की दुकान के संचालक विकास ने बताया कि गैस सिलिंडर न मिलने के कारण इंडक्शन चूल्हा पर चाय-समोसा आदि बनाकर बेचने के लिए मजबूर हैं। इससे कारोबार भी प्रभावित हुआ है।
शहर में अमर जवान चौक के पास रोटी-सब्जी का ठेला लगाने वाले अशोक ने बताया कि सिलिंडर न मिलने से फिर से भट्ठी वाले दिन लौट आए हैं। ऐसे में कोयला-लकड़ी वाली भट्ठी पर खाद्य सामग्री तैयार कर ग्राहकों को भट्ठी पर ही रोटी पकाकर परोसी जा रही है। इससे समय अधिक लगता है, कारोबार कम हो गया है और लागत भी बढ़ गई है।
फोटो-01- जिंदपीर चौराहा के निकट बंद गैस एजेंसी के बाहर परेशान बैठे उपभोक्ता। संवाद
सिलिंडर के लिए एजेंसियों पर पहुंच रहे उपभोक्ता
घरेलू गैस सिलिंडर की रीफिल बुकिंग के लिए वैसे तो फोन, वॉट्सएप और पेट्रोलियम कंपनी की वेबसाइट पर भी बुकिंग की सुविधा है। घर से बुकिंग न हो पाने और सिलिंडर पाने की आपाधापी में सोमवार को बड़ी संख्या में उपभोक्ता गैस एजेंसियों पर पहुंचे। इससे गैस एजेंसियों के कार्यालय पर उपभोक्ताओं की लाइन लगी रही। वहीं गैस एजेंसी बंद होने के बाद भी एजेंसी खुलते ही बुकिंग और रीफिल मिलने की आस में उपभोक्ता डटे रहे।
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घरेलू गैस की कोई समस्या नहीं है। व्यावसायिक गैस सिलिंडर की रीफिल नहीं मिल पा रही हैं। एलपीजी सिलिंडर की रीफिल प्रशासन के सहयोग से उपभोक्ताओं को घर पर ही डिलीवरी दी जा रही हैं। एलपीजी के जिला समन्वयक विकास पोरवाल ने बताया कि सभी कंपनियों के एजेंसी संचालकों को प्रशासन ने एजेंसी कार्यालय और गोदाम पर सिलिंडर रीफिल न दिए जाने की हिदायत भी दी है। बताया कि उपभोक्ता एलपीजी सिलिंडर की रीफिल पेट्रोलियम कंपनी के अनुसार दिए गए मोबाइल नंबर, वॉट्सऐप नंबर और वेबसाइट पर बुक कराएं। बुकिंग के लिए उपभोक्ता के पास गैस एजेंसी पर पंजीकृत मोबाइल नंबर होना अनिवार्य है। साथ ही उपभोक्ता संख्या और गैस एजेंसी के नाम की जानकारी आवश्यक है।
बुकिंग की सुविधा
-भारत गैस उपभोक्ताओं के लिए : मिस्ड कॉल-7710955555, वॉट्सऐप-1800224344, आईवीआरएस-7715012345, वेबसाइट-https://www.ebharatgas.com

-इंडेन गैस उपभोक्ताओं के लिए : मिस्ड कॉल-8454955555, वॉट्सऐप-7588888824, आईवीआरएस-7718955555 वेबसाइट-https://cx.indianoil.in
-एचपीसीएल गैस उपभोक्ताओं के लिए : मिस्ड कॉल-9493602222, वॉट्सऐप-9222201122, आईवीआरएस-8888823456, वेबसाइट-https://myhpgas.in
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