फर्रुखाबाद। दो बार पत्राचार करने के बाद भी सीएमओ ने कोर्ट में आख्या नहीं भेजी। कोर्ट ने अवहेलना करने पर सीएमओ को तलब कर स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए हैं।
अपर सत्र न्यायाधीश विष्णु चंद्र वैश्य की कोर्ट में राज्य बनाम रोहित का मुकदमा वर्ष 2019 से साक्ष्य के अभाव में लंबित है। सुप्रीम कोर्ट ने मुकदमे के निस्तारण के संबंध में आदेश दिए है। अर्पित के शव का पोस्टमार्टम डॉ.पीएस विमल ने किया था। कोर्ट ने डॉक्टर को नोटिस भेजकर तलब किया। कोर्ट को भेजे गए जवाब में बताया गया कि अर्पित का पोस्टमार्टम करने वाले डॉ.पीएस विमल का 19 अक्तूबर 2019 को निधन हो गया था। इस प्रकरण में अर्पित की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को साबित करने के लिए डॉ.पीएस विमल के साथ पोस्टमार्टम के दौरान तैनात रहे दूसरे डॉक्टर का नाम बताने के लिए 9 व 16 अगस्त को सीएमओ को कोर्ट ने पत्र भेजकर आदेश दिए थे। कोर्ट के आदेश के बाद भी सीएमओ ने पत्र के संबंध में कोई जवाब नहीं दिया। आदेश की अवहेलना करने पर कोर्ट ने सीएमओ डॉ.अवर्नीद्र कुमार को 14 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए हैं।