- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, एक हजार युवाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य
- 1,170 आवेदन, 569 आवेदन बैंकों ने कर दिए निरस्त और 343 पर दी स्वीकृति
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की महत्वाकांक्षी योजना पर बैंकों के बैक गियर से ब्रेक लग गया है। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में शासन ने 1,000 युवाओं को लाभान्वित किए जाने का लक्ष्य दिया है।
लक्ष्य को हासिल किए जाने के लिए विभिन्न बैंकों को 1,170 आवेदन ऋण के लिए दिए गए हैं। बैंकों में आवेदनों पर स्वीकृति देने के बजाय 569 आवेदनों में कोई न कोई कमी निकालते हुए निरस्त कर दिया है। जिससे आवेदकों के रोजगार स्थापना की मंशा सफल नहीं हो सकी।
मुख्यमंत्री की शीर्ष प्राथमिकता की योजनाओं में से एक मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान में युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना दी गई। योजना में एक हजार युवाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। स्वरोजगार लगाने वाले युवाओं ने ऑनलाइन आवेदन में रुचि दिखाई।
करीब 1,170 आवेदन उद्योग विभाग की ओर से आवेदकों को चयनित करते हुए बैंक शाखाओं भिजवाए गए। विभिन्न बैंक शाखाओं की ओर से अभी तक 343 आवेदनों पर ही स्वीकृति दी गई है। जबकि 569 आवेदन निरस्त किए गए हैं।
राष्ट्रीयकृत बैंकों की तो आवेदन स्वीकृत किए जाने की स्थिति ठीक है, निजी क्षेत्र की बैंकों की स्थिति तो बेहद दयनीय है। निजी क्षेत्र की बैंकों में देखे तो एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक लि. और कोटक महेंद्रा बैंक लि. ने एक भी आवेदक को अभी तक ऋण नहीं दिया है।
बैंकवार निरस्त किए गए आवेदनों पर एक नजर :
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में ऋण स्वीकृति के भेजे गए आवेदनों में से बड़ी संख्या में आवेदनों को बैंकर्स ने निरस्त कर दिया है। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने 79 में से 18, एसबीआई ने 203 में से 112, पंजाब नेशनल बैंक ने 95 में से 59, पंजाब एंड सिंध बैंक ने 4 में से 2, इंडियन बैंक ने 177 में से 91, ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त ने 189 में से 75, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने 24 में से 9, केनरा बैंक ने 54 में से 27, बैंक ऑफ इंडिया ने 256 में से 135, बैंक ऑफ बड़ौदा ने 71 में से 41 आवेदन किसी न किसी कारण को लगाते हुए निरस्त कर दिया है।
आवेदन निरस्त करने से टूट रहा मनोबल
युवाओं के ऑनलाइन मिलने वाले आवेदनों को परीक्षण के बाद पात्रता की श्रेणी में पाए जाने पर ऋण स्वीकृति के लिए आवेदकों के क्षेत्र की बैंक शाखाओं को आवेदन भेजे जा रहे हैं। आवेदन निरस्त किए जाने से आवेदकों का मनोबल टूट रहा है और योजना भी पिछड़ रही है।-हर्ष प्रताप सिंह, उपायुक्त उद्योग
आवेदन निरस्त होने के यह हैं कारण
आवेदनों के निरस्त होने की जानकारी है। दो कारणों से आवेदन निरस्त हो रहे हैं, एक तो आवेदन में व्यवसाय कुछ अंकित किया जाता है और ऋण स्वीकृति के समय आवेदक दूसरे मद में रुपये खर्च किए जाने की अनुमति चाहते हैं। दूसरा अधिकतर आवेदन एजेंटों के माध्यम से भरवाए जा रहे हैं, जिससे वह सभी कॉलम में आवेदक के हिसाब से नहीं अपने हिसाब से जानकारी फीड कर देते हैं। जिससे आवेदन निरस्त करने पड़ते हैं।-अजय कुमार, जोनल मैनेजर बैंक ऑफ इंडिया